Monday , October 3 2022

सोनभद्र में खाद की किल्लत शुरू, भगवान भरोसे अन्नदाता

धर्मेंद्र गुप्ता (संवाददाता)

यह तस्वीर उन किसानों की है जो खेतों में अन्न पैदा करते हैं तो पूरे देश का पेट भरता है । ये वे किसान हैं जिन्हें हम अन्नदाता कहते हैं । ये वही किसान हैं जिनके वोट से सरकारें बनती व बिगड़ती हैं । लेकिन आज हम उनके दुर्दशा की कहानी उन्हीं की जबानी सुनाने जा रहे हैं ।
कोविड काल में बिना जान की परवाह किये ये सभी खाद के लिए इक्कठा हुए हैं ।
सरकार किसानों को लेकर भले ही बड़े बड़े वायदे व बातें करती हो मगर सोनभद्र की यह तस्वीर यह बयां करने के लिए काफी है कि किसानों को अन्न पैदा करने से लेकर बेचने तक किस तरह जूझना पड़ता है ।

दरअसल सोनभद्र के विंढमगंज इलाके के लैम्प्स में किसानों को खाद मिलने की खबर मिली तो वे सारे कामकाज छोड़ कर भागकर लैम्प्स पहुंचे । देखते ही देखते लैम्प्स पर भारी भीड़ जमा हो गयी । लेकिन जब किसान लैम्प्स कर्मचारी से मांगा तो वे यह कहकर टाल दिया कि खाद नहीं है । जिसके बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और वे प्रदर्शन करने लगे । किसानों का कहना है कि उन्हें रोज बुलाया और वापस किया जाता है ।

वहीं लैम्प्स सचिव का कहना है कि सरकार खाद कम भेज रही है जबकि किसानों की संख्या कई गुना ज्यादा है ।

बाहरहाल सरकार अन्न दाताओं के लिए भले ही तमाम कानून बनादें लेकिन आज भी अन्नदाताओं के भाग्य का फैसला मौजूदा सरकारों के हाथों में होती हैं ।

previous arrow
next arrow

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com