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कोयला चोरी की जांच कर सकता है सतर्कता विभाग, सांसद के पत्र पर केंद्र सरकार गंभीर

जनपद न्यूज़ ब्यूरो

सोनभद्र । यूपी विधानसभा सभा के पहले लगता है कोयले की कालिख कईयों को दागदार कर सकती है। राबर्ट्सगंज लोकसभा सांसद द्वारा कोयला चोरी को लेकर लिखे गए पत्र पर न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि सतर्कता विभाग भी काफी गंभीर नजर आने लगा है। सतर्कता विभाग ने पत्र लिखकर सांसद से पूछा है कि एनसीएल के सीएमडी एवं अन्य के खिलाफ आपने शिकायत की है कि नहीं? जिसके जबाब में सांसद पकौड़ी लाल कोल ने अपने पत्रांक संख्या 1484/MPLS/2021 दिनांक 5/8/2021 के माध्यम से सतर्कता एवं शिकायत प्रकोष्ठ नई दिल्ली को पत्र के माध्यम से बताया कि उन्होंने ही एनसीएल के सीएमडी के खिलाफ जांच के लिए पत्र लिखा है।
सांसद का पत्र मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कभी भी सतर्कता विभाग कोयला घोटाले की जांच शुरू कर सकती है ।

आपको बतादें कि सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि कैसे सिंगरौली परिक्षेत्र में कोयला व डीजल की चोरी हो रही है और प्रतिदिन करोड़ो रूपये का चूना सरकार को उन्हीं के अधिकारी लगा रहे हैं।

सांसद पकौड़ी लाल कोल ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि एनसीएल की 11 खदानों में से 5 यूपी के सोनभद्र में तो शेष 6 खदान मध्यप्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में हैं। जहां से कोयला निकालकर सरकारी व निजी कम्पनियों को बेचा जाता है।

सांसद ने प्रधानमंत्री को लिखा कि जहां आप द्वारा न्यू इंडिया का निर्माण और कोरोना महामारी में सरकार की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में रात दिन लगे हुए हैं। वहीं सीएमडी कोयला, लोहा, कबाड़ व डीजल चोरी में लिप्त हैं।

सांसद ने दो व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो सड़क व बाजार की गलियों में घूमकर कबाड़ इकट्ठा किया करता था सीएमडी के सम्पर्क में आने के बाद थोड़े दिनों में कबाड़ बेचकर करोड़ों रूपये के संपत्ति का मालिक बन गया और आज उसके कई शहरों में मकान व कम्पनी है।

वहीं दूसरा व्यक्ति जो सड़क के किनारे साईकिल का पंचर बनाया करता था, वह भी सीएमडी के संपर्क में आने के बाद से रातोंरात करोड़पति बन गया और आज उसके पास ढेर सारी ट्रकें, कई बड़े होटल व पेट्रोल पंप है।

सांसद ने अपने पत्र में चोरी किये जाने का तरीका भी बताया है कि कैसे कोयले की चोरी की जाती है। सांसद ने पत्र के माध्यम से बताया कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान बताया गया कि जब कोयला खदान से कोयला लोडकर हजारों ट्रक बाहर निकाली जाती है तो वह ट्रक कोयले की वजन करने के लिये धर्मकाटा पर जाती है लेकिन सैकड़ों सेटिंक की ट्रकों का ब्रेकफेल बताकर धर्मकाटा के बगल से निकाल दिया जाता है और बाद में वह कोयला अवैध तरीके से बेच दिया जाता है।

इसके अलावा जब मालगाड़ी कोयला लोडकर थोड़ी दूर पर जाकर खड़ी होती है तो सैकड़ो लेबर कोयला नीचे गिरा देते हैं। वह कोयला ट्रक द्वारा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में बेच दिया जाता है सांसद ने जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही कराने की मांग की है।

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