Tuesday , October 4 2022

यूरिया की किल्लत से किसान परेशान, फसल बर्बाद होने का सताने लगा डर

रमेश यादव (संवाददाता)

दुद्धी। किसानों पर कभी समय पर बारिश नही होने की मार तो कभी सूखे की मार पड़ती जा रही हैं ।पिछले कई सालों से किसानों की अच्छी पैदावार की आशा इस साल जगी और अच्छी बारिश से इस बार किसानों को आस जगी थी कि धान की फसल अच्छी होगी।बाद में मौसम ने भी भरपूर साथ दिया, लेकिन समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फिरता दिख रहा है।यूरिया खाद की किल्लत से एक बार फिर किसानों की परेशानियां बढ़ गई है।दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के अधिसंख्य किसान अपने खेतों में धान की रोपाई कर चुके हैं। समय से उन्हें खाद नहीं मिलने के कारण धान की खेती को बर्बाद होने का डर सता रहा है।पिछले साल की तरह इस साल भी यूरिया खाद की किल्लत सामने आने लगी है।किसान प्रतिदिन लैम्प्स तथा अन्य सहकारी समितियों का चक्कर काट रहे हैं।जिले में यूरिया की खेप पहुँच रही हैं लेकिन किसानों तक पहुचने से पहले ही यूरिया न जाने कहा गायब हो जा रही हैं इसका जबाब किसी के पास नहीं है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सहकारी समितियों तथा लैम्पसों पर लगातार खाद के लिए लगातार किसानों की भीड़ उमड़ रही हैं।अभी कुछ दिन पहले महुली लैम्पस पर खाद के लिए बवाल मचा हुआ था तो मंगलवार को बघाडू लैम्पस पर भी किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी।लैम्पस प्रभारी ने 200 यूरिया खाद की अपेक्षा किसानों की दुगुना से अधिक भीड़ देखकर खाद ही वितरण नही कर सके और समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।किसानों ने भी उच्चाधिकारियों से तत्काल यूरिया उपलब्ध कराने की गुहार लगाई जिससे कि किसानों की फसल बर्बाद न हो सके।

दुद्धी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय ने कहा कि किसानों की जितनी यूरिया खाद की आवश्यकता है उतनी खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं जिससे किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं जो काफी चिंतनीय हैं।सरकार किसानों के नाम पर सब कुछ कर रही हैं लेकिन यहां तो किसानों को समय पर खाद भी नहीं मिल पा रही हैं जिससे अब उन्हें धान की फसल बर्बाद होने का भी डर सताने लगी हैं।उन्होंने जिला प्रशासन से एक सप्ताह के अंदर भरपूर मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

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