Sunday , October 2 2022

आदिवासियों ने भरी हुंकार, जल,जंगल जमीन पर मिले मालिकाना हक- रोशनलाल

पी.के. विश्वकर्मा (संवाददाता)

-सोनांचल संघर्ष वाहिनी के बैनर तले आदिवासियों ने किया तीन सूत्रीय मांग

कोन। विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पडरक्ष के टोला सतद्वारी गाँव मे प्रधान प्रतिनिधि अमरेश यादव की अगुआई में विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया ,जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय आदिवासियों ने शिरकत किया।।तथा इस कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने भगवान विरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों मे पहला–कैमूर सर्वे एजेंसी के काले कारनामों के चलते लगभग एक लाख हेक्टेयर लूटी गई सोनांचल के आदिवासियों और मूल निवासियों की जमीन की सीबीआई जाँच हो।दुसरा–धारा-20 की वनभूमि पर पुश्तैनी जोत कोड़ कर रहे आदिवासियों को वनाधिकार कानून लागू कर मालिकाना हक दिया जाय।। तीसरा–सोनांचल के आदिवासियों को मुफ्त बिजली, पक्का मकान और रोजगार की व्यवस्था करें सरकार।

इन तीनों मांगों को लेकर आदिवासियों ने ,रोशन लाल यादव की अगुआई में उपवास पर बैठ गए और सरकार से मांग किया कि आदिवासियों की इन तीनों मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे और ठोस कार्यवाही करे।उपवास के बाद आदिवासियों ने अपनी इन मांगों को लेकर तीर धनुष के साथ जोरदार नारे लगाकर प्रदर्शन भी किया।सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने आदिवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद से ही सोनांचल के आदिवासियों के साथ सरकारें नाइंसाफी कर रही हैं, जहाँ एक तरफ कैमूर सर्वे एजेंसी ने सोनांचल के आदिवासियों और मूलनिवासियों की लगभग एक लाख हेक्टेयर जल, जंगल और पुश्तैनी जमीन की तस्करी कर सोनांचल के बाहरी लोगों के हवाले कर दिया वहीं दूसरी तरफ वनबन्दोबस्त अधिकारियों ने लगभग 50 हजार करोड़ का जंगल और पहाड़ चोपन, डाला और ओबरा में क्रशर उद्यमियों के हवाले कर दिया जो सोनांचल की सबसे बड़ी लूट है ,इसकी सही मायने में सीबीआई जाँच होनी चाहिए।रोशन लाल यादव ने यह भी कहा कि सोनांचल के आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन सोनांचल में कल कारखानों के स्थापित होने से चला चली गई, सरकार यहाँ के आदिवासियों को मुफ्त बिजली, पक्का मकान और रोजगार दे,तभी सोनांचल के आदिवासियों के साथ सच्चा न्याय होगा।यह भी कहा कि सोनांचल के आदिवासियों का उत्पीड़न और उनके साथ हो रहे अन्याय को सोनांचल संघर्ष वाहिनी कभी भी बर्दाश्त नही करेगी।सोनांचल का आदिवासी आज अपनी मांगों को लेकर उपवास पर बैठा है अगर सरकार इनकी बात नही सुनती तो आने वाले दिनों में सोनांचल का आदिवासी तीर, धनुष के साथ सड़कों पर होगा।

रोशन लाल यादव ने यह भी कहा कि सोनांचल का आदिवासी और मूलनिवासी देश में बढ़ती बेहिसाब महंगाई के चलते एक वक्त की रोटी का इंतेजाम कर पाने में अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है,दो वक्त की रोटी के लिए दर दर भटक रहे है ।सरकार की गलत नीतियों के चलते सोनांचल में तमाम कल, कारखाने और निजी कंपनियां होने के बावजूद आदिवासी, मूलनिवासी नौजवानों को चपरासी तक कि नौकरी नसीब नही हो पा रही है,यह घोर उपेक्षा है, सरकार यहाँ के नौजवानों के साथ धोखा कर रही और जनप्रतिनिधि मौन हैं।जिसका खामियाजा सरकार को भोगना पडेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरेश यादव ने किया।संचालन सौरभ कांत पति तिवारी ने किया।कार्यक्रम में मुख्यरूप से पूर्व जिला पंचायत सदस्य कैलाश गोंड,संजय दुबे,अन्नू खान, सलमान, भोला यादव, राम नरेश, लक्ष्मन,राजू पाल समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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