वैक्सिनेशन को लेकर चल रही लापरवाही पर कब होगी स्वास्थ्य विभाग पर कार्यवाही ?

संजय केसरी /अर्जुन मौर्या (संवाददाता)

डाला। पिछले चार महीने से वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए भटक रहे आदिवासी लोगों को आखिर जनपद मिरर पर खबर चलने के बाद वैक्सीन की दूसरी डोज लग गई । वैक्सीन लगते ही स्वास्थ्य विभाग दूसरी डोज का रजिस्ट्रेशन कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गया । लेकिन गरीब आदिवासी को लगने वाला दूसरा डोज कितना असरदार होगा इस पर अभी भी सवाल खड़ा है । जिले के सीएमओ भी मान रहे हैं कि वैक्सिनेशन का एक तय समय सीमा है, यदि समय पर दूसरे डोज का टीका नहीं लगा तो पहला डोज का असर भी ख़त्म होने लगता है ।

बुधवार को आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग गुरमुरा स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सिनेशन का कैम्प लगवा तो दिया। लेकिन बिना किसी सूचना के आयोजित कैम्प में लोगों की उपस्थिति कम ही रही । सुबह जब कुछ लोग दूसरा डोज कोविशिल्ड लगवाने पहुंचे तो पता चला कि दूसरे डोज के लिए कोवैक्सिन आया है । जिसके बाद टीका लगवाने आये कुछ लोग वापस चले गए ।

इसी बीच जब चोपन अधीक्षक को मीडिया के पहुंचने की जानकारी हुई तो आनन-फानन में दूसरे डोज का टीका कोविशिल्ड गुरमुरा केंद्र पर भेजा गया । जिसके बाद पहले व दूसरे डोज वालों को कोविशिल्ड ही लगाया गया । और शाम तक मात्र 39 लोगों का ही वैक्सिनेशन हो पाया।

बहरहाल सोनभद्र में अभी भी ऐसे कई इलाके हैं जहां लोग पहली डोज लगवाकर प्रशासन की राह देख रहे हैं ताकि उनका दूसरा डोज लग सके । ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि इन इलाकों में कैम्प लगाकर दूसरे डोज वालों को वैक्सिनेशन करवाया जाए । ताकि इस महामारी से उनकी जान बचाया जा सके ।

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