विपक्ष को एक पिच पर लाने की कोशिश, सुबह विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर किया आमंत्रित

पेगासस पर सरकार को निशाने पर लेना हो या विपक्ष को गोलबंद कर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलना। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर से नये मुद्दे और नये कलेवर के साथ सियासी पिच पर नजर आ रहे हैं। किसानों के मुद्दे पर ट्रैक्टर से पहुंचना हो या जासूसी के मुद्दे पर मोदी विरोधियों को एक साथ खड़ा करना हो। अब इसी कड़ी में राहुल गांधी ने समान विचारधारा वाले दलों को नाश्तों पर बुलाया है। राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मंगलवार सुबह विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर आमंत्रित किया है।

राहुल के साथ नाश्ते के लिए द्रमुक, शिवसेना, राजद, वाम दलों, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें दोनों सदनों के विपक्षी दलों के नेता और सांसद शामिल हो सकते हैं। इससे पहले, संसद भवन में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में प्रमुख विपक्षी नेताओं ने बैठक की। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में शामिल नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को पेगासस के मामले पर संसद में चर्चा करानी चाहिए और वे इस मांग को पुरजोर ढंग से उठाते रहेंगे।

माना जा रहा है कि विपक्षी नेताओं की 3 अगस्त की बैठक में इस पर कोई फैसला होगा। राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को ऐसे समय नाश्ते पर बुलाया है जब पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। उन्नीस जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है।

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