सर्पदंश पर तुरंत पहुँचे अस्पताल, वरना डस लेगी लापरवाही

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । सोनांचल में बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ जाती है। जिले की करीब 70 फीसदी आबादी कृषि कार्य से जुड़े होने व 80 फीसदी आबादी गांवों में रहने के कारण बारिश शुरू होते सर्पदंश की घटनाओं का ग्राफ तेजी से उपर चढ़ता है। हालांकि जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी पर एंटी वेनम इंजेक्शन रखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है लेकिन स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही के कारण सर्पदंश के मरीजों को स्थानीय स्तर पर इसका इलाज नहीं मिल पाता है और जिला अस्पताल तक पहुँचते-पहुँचते मरीजों की हालात गंभीर हो जाती है, जिससे अंतत: उनकी मौत हो जाती है।

एक आँकड़ें के अनुसार, गत वर्ष अप्रैल से अब तक जिले में सर्पदंश से 40 से अधिक की मौत हो चुकी है। जबकि इस अवधि में आकाशीय बिजली से मरने वालों की संख्या 25 और अचानक से डूबकर हुई मौतों का आंकड़ा भी 25 के आस-पास ही है।

दूसरी ओर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ0 के0 कुमार ने बताया कि “जिला अस्पताल सभी मामलों में गंभीरता से काम कर रहा है। हाल में ही एंटी वेनम इंजेक्शन आया है, अब भी 10 वायल जिला अस्पताल स्टॉक में मौजूद है जबकि और वेनम की माँग के लिए शासन को लिखा गया है। जिले में ऐसा देखा जाता है कि किसी को सांप काट लेता है तो उनके परिजन अस्पताल पहुंचने के बदले ओझा व सर्पदंश के जहर निकालने वाले के चक्कर में पड़ जाते हैं और मरीज की स्थिति खराब होने लगती है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील किया है कि अभी बारिश का मौसम है, थोड़ा सावधानी पूर्वक रहें। यदि किसी को सांप डंस ले तो सीधे अस्पताल पहुंचे क्योंकि समय पर एंटी वेनम इंजेक्शन लग जाएगा तो जान बच जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में एंटी वेनम की फिलहाल कोई कमी नहीं हैं।”

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