झारखंड के धुरकी में नक्सलियों का उत्पात, कई वाहन फूंके

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

विंढमगंज। स्थानीय थाना क्षेत्र से लगे झारखंड राज्य में महज 5 किलोमीटर दूर गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने जमकर कर उत्पात मचाया। नक्सलियों ने सड़क निर्माण करा रही कंपनी वीआरएस के घघरी गांव में स्थित कैप कार्यालय पर धावा बोलकर कई वाहनों को फूंक दिया और कुछ वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना बीती मध्यरात्रि की है। कंपनी धुरकी थाना अंर्तगत रांची रीवां NH75 बिलासपुर से बीरबल होते हुए धुरकी तक सड़क निर्माण करा रही है।

विभिन्न स्रोतों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली खबर के मुताबिक मध्यरात्रि अचानक लगभग आधा दर्जन हथियारबंद नकाबपोश नक्सली वीआरएस कंपनी के घघरी गांव में स्थित कैंप कार्यालय पर आ धमके। उस समय कैंप में कंपनी के कर्मी सो रहे थे।

-डीजल छिड़ककर वाहनों में आग लगाया
नक्सली एक चालक को पकड़कर पीटते हुए उसे लेकर कैंप ऑफिस पहुंचे। नक्सलियों ने ऑफिस में सो रहे सभी कर्मियों को वहां से बाहर निकालकर एक जगह जमा किया और कैंप में रखे डीजल को वाहनों पर छिड़ककर आग लगा दी।इस घटना में नक्सलियों ने दो हाईवा, एक ग्रेडर और एक रोलर को आग के हवाले कर दिया जबकि दो जेसीबी मशीन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नक्सलियों ने लगभग आधा घंटे तक उपद्रव किया इसके बाद गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चलते बनें।
एक माह पूर्व इंजीनियर को किया था अगवा

एक माह पूर्व गत 25 जून को नक्सलियों ने वीआरएस कंपनी के खुटिया गांव में स्थित कैंप ऑफिस से साईड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था तथा अपने साथ लेकर जंगल के रास्ते निकल लिये थे। जिसे चार घंटे बाद मुक्त किया था।

नक्सलियों ने दो प्रतिशत लेवी के लिए कंपनी के साईड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को अगवा किया था। इसके पूर्व अपराधियों ने कई दफा मोबाईल पर लेवी के लिये धमकी दी थी।भारतीय पब्लिक कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने वीआरएस कंपनी के साईड इंजीनियर नागेंद्र सिंह का अपहरण करने और बाद में मुक्त करने की जिम्मेवारी ली थी।

संगठन के स्वयंभू जोनल प्रभारी नितेश कुमार ने फोन पर इंजीनियर के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुये कहा था कि सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार के द्वारा लेवी नहीं देने, भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अब तक नहीं दिये जाने, घटिया निर्माण करने एवं निर्माण कार्य को रोक के बावजूद कंपनी के द्वारा कार्य किये जाने के कारण इंजीनियर का अपहरण किया गया था।
जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई : एसडीपीओ
एसडीपीओ प्रमोद कुमार केशरी ने बताया कि हथियार बंद अपराधियों के द्वारा वाहनों को जलाये जाने की सूचना पर घटनास्थल का जायजा लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
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