संचारी माह को खुद फेल करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग, गांव में छिड़काव के लिए भेजा जा रहा एक्सपायरी माल

जनपद न्यूज ब्यूरो

– सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट है संचारी माह

– एक जुलाई से शुरू हो रहा संचारी माह

– जिलाधिकारी ने माल से भरे बन्द कमरे को कराया सील

– तहसीलदार कर रहे पूरे मामले की जांच

– जनपद न्यूज Live के खुलासे से जिलाधिकारी भी स्तब्ध

– अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले, किसका माल है इसकी नहीं है कोई जानकारी

– प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि एक्सपायर्ड माल का नहीं होता कोई असर

– कई गांवों में हो चुकी है एक्सपायरी माल की सप्लाई

– जांच में बड़े रैकेट का हो सकता है खुलासा

सोनभद्र । कभी नक्सल के नाम से पहचाने जाने वाला जनपद सोनभद्र अब भ्रष्टाचार के नाम से जाना जाता है। सोनभद्र में भ्रष्टाचार की जड़ें इस कदर मजबूत हो चली हैं कि इसे उखाड़ फेंकना अब आसान नहीं । आज हम जिस भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं वह सीधे सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

कोरोना महामारी से जूझ रहे प्रदेश को निकालने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कैसे सीएम के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं उसका नजारा आज रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत परासी दुबे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला। जहां एक बन्द कमरे में बड़ी संख्या में एक्सपायरी डीडीटी पाउडर की बोरी मिली। बताया जा रहा है कि एक जुलाई से शुरू हो रहे संचारी माह के लिए गांव में भेजे जाने वाले डीडीटी पाउडर के साथ इस एक्सपायरी माल को खपाया जा रहा है।
यानी किस तरह सीएम द्वारा शुरू किए जाने वाले संचारी योजना को फेल किया जा रहा।

परासी दुबे में तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ0 सचिन कुमार ने जनपद न्यूज Live को दिए गए अपने बयान में बताया कि यह माल कहाँ से आया और किसने रखवाया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि माल एक्सपायरी है तो वह काम ही नहीं करेगा। यानी साफ है कि किस तरह सरकार की संचारी योजना को पूरी तरह फेल करने की पूरी योजना बनाई जा चुकी है।

सूत्रों की माने तो इस प्रकरण की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के कुछ बड़े अधिकारी को भी हैं लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ें इस कदर जकड़ी हुई है कि वे इससे निकल ही नहीं सके।

जनपद न्यूज Live ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी तो उन्होंने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल तहसीलदार को भेज कर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। जिसके बाद तहसीलदार ने परासी दुबे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बन्द कमरे को ही सील कर दिया। उनका कहना हैं कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया है जिसके बाद पूछताछ की जाएगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपेंगे।

बहरहाल स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे तमाम मामले पहले भी आते रहे हैं और अभी भी कई ऐसे मामले हैं जिनका खुलासा हो गया तो ऊपर से लेकर नीचे तक कई अफसर व नेता बेनकाब हो जाएंगे।

बहरहाल एक जुलाई से संचारी माह शुरू होने जा रहा है और सोनभद्र में शुरुआत ही भ्रष्टाचार से हो रही है। ऐसे में लोगों को बरसात में कितना राहत मिलेगा यह देखने वाली बात है।



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