चित्तवृत्तियों का निरोध ही योग है-प्राचार्य डीएवी

विवेक मिश्रा (संवाददाता)

शाहगंज। स्थानीय डीएवी स्कूल, रॉबर्ट्सगंज में योग दिवस का आयोजन किया गया। विद्यालय के खेल एवं योग शिक्षक सुनील कुमार एवं सहयोगी शिक्षक मनोरंजन शर्मा ने विभिन्न प्रकार के योग, आसन एवं प्राणायाम करते हुए सम्बन्धित लाभ के बारे में भी बताया।विद्यालय में किए जा रहे इस योग दिवस के कार्यक्रम को गूगल मीट लिंक के माध्यम से छात्र-छात्राओं को भी जोड़ा गया। बच्चे भी कार्यक्रम का अनुसरण किए।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंकुर भाटिया जी ने कहा कि अप्राप्य की प्राप्ति के लिए जो भी सात्विक कर्म किए जाते हैं वही योग होता है। योग मनुष्य को उसकी आत्मा से जोड़ता है। योग के द्वारा प्राणियों की आत्मा एकाकार हो जाती है और मानसिक संतुलन बनने लगता है। इस प्रकार चित्तवृत्तियों का निरोध हो जाता है और चित्तवृत्तियों का निरोध होना ही योग है।
इस अवसर पर हरिकेश यादव, प्रशांत पहाड़ी, प्रवीण, विपिन, अजय, प्रिंस, प्रभात, निशा, दिव्या, मीना सैनी, निधि, सौम्या सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहे।

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