प्रीतनगर में बिना पर्याप्त अभिलेखों के नापी करा रहे रेलवे को एसडीएम ने रूकवाया

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। प्रितनगर में बिगत दो माह पूर्व रेलवे द्वारा अपनी भूमि बताकर लगभग डेढ़ सौ लोगो को नोटिस थमाकर 15 दिन के अंदर घर खाली करने का आदेश दिया था जिसके बाद से पूरे प्रितनगर में हड़कंप मच गया था जिसके सापेक्ष बीते मंगलवार को भारी संख्या में पुलिस, पीएसी एवं महिला फोर्स के साथ पहुचे रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा बरसते पानी मे नापी कराने लगे जिसके बाद वहा के रहवासियों में हड़कंप मच गया।

इस बात की जानकारी होने पर चेयरमैन प्रतिनिधि उष्मान अली ने संयुक्त सीमांकन की मांग करते हुए बुधवार को रेलवे के एईएन को पत्रक सौपते हुए वस्तु स्थिति से एसडीएम ओबरा प्रकाश चंद्र को अवगत कराया जिसके बाद सायं लगभग 3 बजे एसडीएम ओबरा प्रकाश चंद्र अपने सहयोगियों के साथ प्रितनगर पहुचें जहां

अधिवक्ता अमित सिंह ने जमीनों के कागजात दिखाते हुए राजस्व एवं रेलवे की टीम के सामने जनता का पक्ष मजबूती से रखा। जिसके बाद नापी करा रहे रेलवे के आई ओ डब्ल्यू रतन शंकर को बैठाकर रेलवे द्वारा नापी करा रहे जमीनों का अभिलेख एवं दस्तावेज मांगा जिस पर आई ओ डब्ल्यू ने मौके पर मौजूद अभिलेखों एवं दस्तावेजों को दिखाया जो पर्याप्त नही था।

जिसपर एसडीएम ओबरा ने कहा कि जबतक पर्याप्त आधार एवं अभिलेख नही रहते तबतक आप किसी प्रकार की नापी जोखी नही करवाएंगे और भविष्य में जब भी नापी जोखी होगी तो संयुक्त रूप से राजस्व एवं रेलवे से जुड़े लीगल कर्मचारी एवं अधिकारी गण के मौजूदगी में नापी कराई जाए तथा बिना किसी ठोस दस्तावेज के किसी को हलकान एवं परेशान न किया जाए । गौरतलब हो कि प्रितनगर इलाके में रहवासी पिछले कई वर्षो से बाकायदा स्टाम्प शुल्क देकर जमीन बैनामा कराए हैं और घर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं और साथ ही विजली,पानी के बिल समेत नगर पंचायत को टैक्स भी देते हैं लेकिन रेलवे अड़ियल रुख अपना कर प्रितनगर के जमीन को खाली करवाना चाहती है। इस मौके पर अधिवक्ता रमेश मिश्रा,शेर खान,वकील अहमद,सतनाम सिंह सभासद रूपा देवी,सर्वजीत यादव, मोमबहादुर,जितेंद्र पलाहा ,सतनाम सिंह,प्रभात उपाध्याय, बबलू सिंह,यूनुस खान सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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