महज वोटर बन कर रह गए तिलवाड़ी गड़ई के ग्रामीण, आज भी मूलभूत सुविधाओं का टोटा

संजय केसरी (संवाददाता)

डाला । पंचायत चुनाव खत्म होने के साथ विधान सभा चुनाव की चर्चा शुरू हो गयी । हालांकि अभी विधानसभा चुनाव को लेकर किसी तरह की घोषणा नहीं हुई है लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता ही चर्चा का विषय बना दिया है ।

आज हम जिस समस्या को लेकर आपके सामने आए हैं वह बेहद गंभीर व शर्मसार करने वाली खबर है । जहां सूबे में विकास की गंगा बह रही है वहीं सोनभद्र का एक ऐसा इलाका जहाँ लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जूझ रहा है।

विकास खण्ड चोपन के अंतर्गत कोटा ग्राम पंचायत के तिलवारी गड़ई टोले में 30 से 35 घर निवास करते हैं । लोगों के पास वोटर आईडी तो है लेकिन उनके पास न तो राशन कार्ड है और न अन्य कोई सुविधा । यूं कहें महज वोटर बन कर रह गए हैं सभी। मूलभूत सुविधा के नाम पर न तो सड़क है और न बिजली व पानी। पानी का आलम यह है कि पूरे साल उन्हें पानी डोर से ढोकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में चुहाड़ का तो बरसात में गंदे नाले का पानी पीना पड़ता है। लोगों ने बताया कि चुनाव के वक्त कभी कभार नेता वोट मांगने दिख जाते है लेकिन अधिकारी नहीं दिखते ।पिछले साल कोरोना कालमें किसी ग्रामीण को भूखा न सोने देने के संकल्प ने तत्कालीन सीडीओ अजय द्विवेदी को यहां तक पहुंचाया था । बताया जा रहा है कि जब सीडीओ ने ग्रामीणों की समस्या सुनी तो दंग रह गए और उन्होंने उनसे वायदा किया था कि कुछ दिनों में उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करा दी जाएगी । लेकिन सीडीओ के ट्रांसफर होते ही तिलवारी गड़ई के लोग एक बार फिर उन्ही समस्याओं से जूझ रहे हैं ।
कोरोना की दूसरी लहर में उन्हें उम्मीद थी कि शायद कोई फिर उनकी सुधि लेगा लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया । जब जनपद न्यूज Live की टीम वहां पहुंची तो उनका दर्द फूट पड़ा । उन्होंने बताया कि हो सकता है आगामी चुनाव में शायद किसी की निगाहें इनायत हो जाए और उनकी समस्या खत्म हो जाय ।



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