योगी सरकार का ‘एल्डरलाइन’ प्रोजेक्ट यूपी में बुजुर्गों का रख रहा पूरा ध्यान

० कोरोना काल में यूपी में रहने वाले बुजुर्गों के लिये सहारा बनी योगी सरकार

० यूपी में अपनों से बिछड़े और सड़क व फुटपाथ पर जीवन बिताने को मजबूर बुजुर्गों के लिये मददगार बनी योगी सरकार

० यूपी में वयोवृद्ध लोगों के लिये कोविड-19 टोल फ्री हेल्पलाइन बनी वरदान, बुजुर्गों को बीमारी से बचाने में कर रही मदद

लखनऊ। यूपी में अपनों से बिछड़े और सड़क व फुटपाथ पर जीवन बिताने को मजबूर बुजुर्गों के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल काफी मददगार साबित हो रही है। प्रोजेक्ट एल्डरलाइन के तहत यूपी में शुरू की गई टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 नम्बर पर जानकारी मिलने पर ऐसे अनेक लोगों की रोज मदद की जा रही है। कोरोना काल में योगी सरकार 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का सहारा बनी है। बुजुर्गों की चिंता करना, समय पर उनको इलाज दिलाना और साथ में भावनात्मक सहयोग देने का काम पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सरकार की ओर से शुरू की गई पहल में प्रोजेक्ट ‘एल्डरलाइन’ वरदान साबित हुआ है। इसके तहत बुजुर्गों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनको बीमारी से बचाने के लिये शुरू की गई कोविड-19 टोल फ्री हेल्पलाइन ढाल का काम कर रही है।

कोरोना काल में उत्तर प्रदेश वयोवृ्द्ध लोगों को भावनात्मक सहयोग, स्वास्थ्य और कानूनी सहायत देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से योगी सरकार ने भारत सरकार की योजना को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। प्रोजेक्ट ‘एल्डरलाइन’ के तहत बुजुर्गों की चिंताओं और शिकायतों को दूर किया जा रहा है। गौरतलब है कि जब से योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली है तब से उनकी प्राथमिकता जरूरतमंद, कमजोर ओर वंचित वर्गों की सुरक्षा और उनका सर्वांगीण कल्याण करने की रही है। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिये भी सरकार कई योजनाएं लागू कर चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी के 75 जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं और बीमारी से बचाव के उपाय बताने में टोल फ्री हेल्पलाइन बड़ा सहयोग दे रही है। राज्य में महामारी के दौरान हेल्पलाइन 14567 जरूरतमंद बुजुर्गों को इलाज दिलाने और उनको दवाईयां पहुंचाने समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करा रही है। यूपी में यह सुविधा 14 मई से लागू की गई है। प्रत्येक दिन विभिन्न जनपदों से जरूरतमंदों के 80 से 90 फोन आ रहे हैं। सुबह आठ बजे से शाम के आठ बजे तक कॉल सेंटरों के माध्यम से बुजुर्गों की सहायता की जा रही है। टोल फ्री हेल्पलाइन पर फिजियोथेरेपी, स्वास्थ्य संबंधी, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के साथ कानूनी मु्ददों पर जानकारी के लिये आने वाले प्रश्नों का त्वरित समाधान भी किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को टाटा ट्रस्ट्स और एनएसई फाउंडेशन की सहायता से संचालित किया जा रहा है।

कासगंज में भूख से तड़प रही बुजुर्ग महिला को मिला ओल्ड ऐज होम का सहारा
कासगंज के पंचायत बाग में सड़क किनारे भूख से तड़प रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एल्डरलाइन से मदद मिली। कोविड-19 टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 पर कॉल कर महिला की दुर्दशा की जानकारी लोगों ने दी जिसके बाद मौके पर पहुंचे फील्ड रिस्पोंस लीडर ने पुलिस और तहसीलदार की मदद से बुजुर्ग महिला को ओल्ड ऐज होम में पहुंचाया। कोरोना संक्रमण की जांच के लिये उसकी एंटीजन जांच कराई गई जिसमें वो नेगिटिव पाई गई।

चंदौसी बस अड्डे पर डेढ़ महीने से बेहाल पड़े पूर्व सैनिक को उत्तराखंड उसके घर पहुंचाया
संभल जिले में चंदौसी बस अड्डे पर एक कोने में डेढ़ महीने से सिमटे पड़े 70 वर्षीय बुजुर्ग का भी एल्डरलाइन सहारा बना। उत्तराखंड के खटीमा से चंदौसी अपनी बेटी से मिलने आए बुजुर्ग को बेटी ने घर में आने से मना कर दिया जिसके बाद वो चंदौसी बस पर ही पड़े रहे। हेल्पलाइन पर फोन आने के बाद एल्डरलाइन की टीम ने उनकी मदद की। बुजुर्ग व्यक्ति पूर्व सैनिक रहे है और उन्होंने अपना नाम महेश कुमार रस्तोगी बताया। बचाव करने पहुंची टीम ने 112 ओर पीआरवी की मदद से बुजुर्ग व्यक्ति को भोजन कराया और उसको उत्तराखंड अपने घर तक पहुंचाने में मदद की।



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