सेना के जवान को शहीद का दर्जा न दिए जाने पर लोगों का फूटा गुस्सा, चक्का जाम

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही (ब्यूरो)

गाजीपुर । अरूणांचल प्रदेश में बीते दिनों सड़क दुर्घटना में मृत फौजी का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से न लाए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। शहीद का दर्जा दिए जाने और राजकीय सम्मान के साथ संस्कार करने की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीओं ने शुक्रवार की सुबह गाजीपुर-वाराणसी मार्ग को जाम कर प्रदर्शन करते हुए जमकर बवाल काटा। इस दौरान रोडवेज, प्राइवेट वाहनों के साथ ही सरकारी वाहन में तोड़-फोड़ की। करीब चार घंटे बाद सेना का वाहन आने पर ग्रामीण शांत हुए और उस पर मृत जवान का शव लेकर गांव जवान के गांव वृंदावन के लिए रवाना हुए।जौहरगंज श्मशान घाट पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया। बहरियाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी अभिषेक यादव (23) आर्मी में असम के मीसामारी में तैनाती थी। बीते 29 मई को पहाड़ी पर लगे सैनिक कैंप से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर जीप खाई में गिरने से घायल हो गए थे। असम के तेजपुर स्थित सैनिक अस्पताल में बीते 2 जून को इलाज के दौरान अभिषेक यादव की मौत हो गई थी। शुक्रवार को पार्थिव शरीर राजधानी एक्सप्रेस से वाराणसी आया। वहां से प्राइवेट एंबुलेंस से परिवार के लोग पार्थिव शरीर लेकर घर आ रहे थे। इसी बीच जैसे ही ग्रामीणों को इस बात की जानकारी हुई कि जवान का शव सैनिक वाहन से नहीं आ रहा है, सैकड़ों युवा गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर सिधौना पहुंच गए और जिस एम्बुलेंस में जवान का शव रखा था, उसे रोकते हुए सुबह करीब सात बजे मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरु कर दिया।
ग्रामीणों ने जवान को शहीद का दर्जा देने, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने और शव को सेना के वाहन से गांव तक लाने की मांग करते हुए भारत माता जय, अभिषेक यादव अमर रहे आदी नारा लगाने लगे। इसकी जानकारी होते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर सैदपुर एसडीएम विक्रम सिंह, जखनियां एसडीएम सूरज यादव, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी के साथ ही सिधौना चौकी और आसपास के थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। अधिकारी लोगों को समझाने में जुट गए, लेकिन प्रदर्शनकारी डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की जिद्द पर अड़े रहे। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने कई रोडवेज, प्राइवेट बसों के साथ ही कई सरकारी वाहन में तोड़-फोड़ किया। उधर जाम से चलते मार्ग पर दोनों तरफ कई किलोमीटर की वाहनों की लम्बी कतारे लग गई थी। लोगों में इस कदर आक्रोश था कि किसी बड़े बवाल की आशंका से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़े रहे।
प्रदर्शकारी अधिकारियों की कुछ भी सुनने को राजी नहीं है। आखिरकार करीब 11 बजे के वाराणसी से सेना का वाहन पहुंचा, जिसमें ग्रामीण शव रख काफिला के साथ भारत माता की जय, अभिषेक यादव अमर रहे आदी नारा लगाते हुए वृंदावन पहुंचे। फौजी का शव पहुंचते ही परिजन विलाप करने लगे। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। यहां एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ ही सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित करते हुए अंतिम सलामी दी। इसके बाद सैदपुर के जौहरगंज स्थित श्मसान घाट पर जवान का संस्कार किया गया।



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