चाणक्य नीति: किन लोगों के लिए धरती ही हो जाती हैं स्वर्ग समान, जानें

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई पहलुओं का जिक्र किया है। आचार्य चाणक्य को हर विषय की गहनता से जानकारी थी। इन्हें विष्णु गुप्त या कौटिल्य कहा जाता है। आचार्य चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने और अच्छे कर्मों को करने के लिए प्रेरित करती हैं। नीति शास्त्र की कुछ बातें बेहद कड़वी और कठि लगती हैं। लेकिन ये जीवन की सच्चाई से रूबरू कराती हैं। कहा जाता है कि आचार्य चाणक्य की नीतियां जो व्यक्ति समझकर अपने जीवन में उतार लेता है, उसे सामाजिक व निजी सुखों में कमी नहीं रहती है। एक श्लोक के जरिए आचार्य चाणक्य ने बताया है किन लोगों के लिए धरती ही स्वर्ग समान हो जाती है।

1. जिसका पुत्र संस्कारी व आज्ञाकारी हो:

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिनका पुत्र संस्कारी और आज्ञाकारी होता है और हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करता है। ऐसे व्यक्ति के लिए धरती पर ही स्वर्ग होता है।

2. अच्छे आचरण की पत्नी:

चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति की पत्नी धर्म का अनुसरण करने वाली हो उसके लिए धरती पर ही स्वर्ग के समान सुख होते हैं। अच्छे आचरण वाली पत्नी पूरे परिवार को जुड़े रखती है। हर परिस्थिति में पति का साथ निभाती है। धर्म का पालन करने वाली पत्नी स्वयं मान-सम्मान पाने के साथ ही परिवार का भी मान बढ़ाती है। ऐसे स्त्री के पति के लिए धरती पर स्वर्ग समान सुख होता है।

3. आत्मिक रूप से संतुष्ट:

कहा जाता है कि मन की शांति से बड़ा कोई धन या सुख नहीं होता है। जिनका मन किसी भी काम में संतुष्ट नहीं होता वह हमेशा दुखी रहते हैं। जिस व्यक्ति के पास आत्म संतुष्टि होती है, उनके लिए धरती पर ही स्वर्ग समान सुख है।



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