उत्तर प्रदेश में डबल इंजन से राज्य को खींचने के झूठे वादे करने वालों के बीच खींचातानी जारी- अखिलेश यादव

लखनऊ। प्रधानमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारी रहे एके शर्मा को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एके शर्मा को योगी कैबिनेट में महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। वाराणसी में कोरोनावायरस का संक्रमण अपने चरम पर था तब एके शर्मा ने हीं वहां स्थिति को काबू में किया। इन्हीं सब को लेकर अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने तो यहां तक कह दिया कि योगी आदित्यनाथ की मर्जी के बगैर दिल्ली से भेजे गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विश्वासपात्र सेवानिवृत्त अधिकारी को उन पर थोपा जा रहा है। अखिलेश के ट्वीट बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़नी स्वाभाविक है।

अखिलेश ने मंगलवार को एक ट्वीट में प्रधानमंत्री के करीबी आईएएस अधिकारी रहे और गत जनवरी में भाजपा में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधान परिषद सदस्य एके शर्मा की तरफ इशारा करते हुए कहा अजब है भाजपा की नीति। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर उनकी मर्ज़ी के विरुद्ध दिल्ली से भेजा एक अधिकारी थोपना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की मर्ज़ी के विरुद्ध एक अधिकारी को वहां से दिल्ली बुलाना। उन्होंने भाजपा में अंदरूनी खींचतान का आरोप लगाते हुए इसी ट्वीट में कहा उत्तर प्रदेश में डबल इंजन से राज्य को खींचने के झूठे वादे करने वालों के बीच खींचातानी जारी है।

गौरतलब है कि वर्ष 1988 बैच के गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी ए. के. शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। शर्मा इस साल जनवरी में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा में शामिल हो गए थे। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मूल निवासी 58 वर्षीय शर्मा इस वक्त प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी तथा उसके आसपास के इलाकों में कोविड-19 राहत एवं प्रबंधन कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह अप्रैल के दूसरे हफ्ते से वाराणसी में ही हैं।



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