आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारी का टेम्प्रेचर नाप रहे बीजेपी के संगठन महामंत्री, अटकलों का दौर जारी

बीजेपी के संगठन महामंत्री बी एल संतोष थर्मामीटर लेकर लखनऊ में चुनावी तैयारी का टेम्प्रेचर नाप रहे हैं। पहले पार्टी के पदाधिकारियों को बुलाया । फिर योगी सरकार के मंत्रियों से वन टू वन फ़ीडबैक ली गई।अगले हफ़्ते अयोध्या में आरएसएस के प्रचारकों की बैठक बुलाई गई है । संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी इसमें शामिल होंगे। हफ़्ते भर पहले भी उन्होंने लखनऊ का दौरा किया था ।

उत्तर प्रदेश में भाजपा नेतृत्व और सरकार में परिवर्तन को लेकर अटकलें जोरों पर है। हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश सरकार और संगठन दोनों ही जगह भाजपा बड़ा परिवर्तन करने जा रही है। लेकिन पार्टी की ओर से इन सब बातों को खारिज किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह ने इसे कपोल कल्पना और किसी के दिमाग की उपज करार दिया है। एक बात और भी है कि नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े कई सवालों को पूछे जाने के बाद राधा मोहन सिंह ने अन्य सवालों को टाल दिया। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में लगातार इस बात के कयास लगाए जा रहे है कि स्वतंत्र देव सिंह की जगह केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वासपात्र सेवानिवृत्त अधिकारी और मौजूदा विधान परिषद के सदस्य एके शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यही कारण है कि भाजपा संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ लखनऊ के तीन दिवसीय दौरे पर आए राधा मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट के बाद मंगलवार को उप मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य तथा दिनेश शर्मा से मुलाकात की। मौर्य ने इस मुलाकात के बारे में बताया, बैठक बहुत अच्छी रही। यह बैठक संगठन के मुद्दे को लेकर हुई। 2022 के विधानसभा चुनाव में हम ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रहे हैं। उस चुनाव में हम एक बार फिर 300 से ज्यादा सीटें प्राप्त करेंगे। भाजपा उपाध्यक्ष ने कानून मंत्री बृजेश पाठक से भी मुलाकात की। पाठक ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों तथा 2022 के प्रदेश विधानसभा चुनाव के बारे में विचार-विमर्श हुआ। हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ भी बताने से मना कर दिया। पाठक ने अप्रैल माह में स्वास्थ्य विभाग को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने कोविड-19 महामारी को संभालने में विभाग की कथित नाकामी का जिक्र किया था।

कानून मंत्री के इस पत्र से सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था क्योंकि वह लगातार यह दावा कर रही थी कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं।

सूत्रों के मुताबिक चार सवाल सबसे पूछे गए

1. कोरोना की दूसरी लहर में आप लोगों ने क्या-क्या किया ?
2. विधानसभा चुनाव के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?
3 कार्यकर्ताओं का मनोबल कैसे बढ़ाया जाए ?
4. वोटरों को बीजेपी के पक्ष में करने के लिए आपका क्या सुझाव है?

यूपी की बीजेपी में इस तरह से फ़ीडबैक लेने का काम पहली बार हो रहा है। वो भी दो तरीके से ।पहले पार्टी संगठन के पदाधिकारियों से फीडबैक ली गई। फिर सरकार में शामिल मंत्रियों से ।

कोविड-19 प्रबंधन को लेकर उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के अंदर शिकायती स्वर उभरने के बीच राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सिंह ने महामारी के प्रबंधन की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों को बेमिसाल करार दिया है। सिंह ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार की नाकामी के आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया कि सरकार ने बेमिसाल काम किया है।



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