शिकायत के बाद भी शासन-सत्ता के बीच पीस रही जनता- सावित्री देवी

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन।राज्य के चुनिंदा जिलों में सबसे ज्यादा राजस्व देने में अपना अहम योगदान देने वाले सोनभद्र जिले में सुविधाओं की कमी अक्सर देखने को मिलती है। जबकि जिले के राजस्व से ही जिले का विकास हो सकता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सोनभद्र ज़ीरो ही माना जाता है। किसी भी बड़ी बीमारी को लेकर आम जनता को वाराणसी के तरफ रुख करना होता है। अगर सोनभद्र में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ानी हो तो उसके लिए शासन को ईमानदारी से काम करना होगा। नए काम को तो छोड़िए पुराना कार्य ही पूर्ण नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला है और इस मुद्दे को समाजसेवी सावत्री देवी ने उठाया। जनपद सोनभद्र के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विकास खण्ड चोपन के घोरिया ग्राम पंचायत में अनिमितता देखने को मिली।

क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुये करोड़ों की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घोरिया शासन द्वारा स्वीकृति किया गया था। जो 6 वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी आज तक अद्धनिर्मित अस्पताल व भवन निर्माण कार्यदायी संस्था और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही तथा प्रशासकीय उदासीनता के कारण अधूरा पड़ा हुआ है। गौरतलब हो कि, उक्त अस्पताल का कार्य पूर्व के सपा सरकार में शुरू किया गया था। लेकिन आज तक अस्पताल संचालित न हो सका। यह अस्पताल समय के अंदर काम करने लगता तो
इस कोविड-19 महामारी में आस-पास के ग्रामीणों ,किसानों, गरीबों के लिए वरदान साबित हो सकता था। बड़े भूखंड पर जब इस अस्पताल का निर्माण कार्य शुरुआत हुआ था तो स्थानीय आम जनता में स्वास्थ्य सुविधा की उम्मीद के साथ खुशी भी जगी थी। लेकिन आज पूरा अस्पताल परिसर चारागाह बना हुआ है। साथ ही कुछ अराजकता फैलाने वाले लोगों के लिये पार्टी व नशे का अड्डा भी बना हुआ है। वर्षो से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घोरिया का कार्य पूर्व की सरकार में प्रशासनिक उदासीनता की वजह से शुरू न हो सका और यही हाल वर्तमान की सरकार का भी है। जो भी हो खामियाजा तो जनता को ही भुगतना होता है।
इस पूरे मामले की जानकारी पूर्व में महिला सुरक्षा एवं जन सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष सावित्री देवी द्वारा जिलाधिकारी सोनभद्र, मुख्य चिकित्साधिकारी सोनभद्र को मेल व पत्र के माध्यम से अवगत कराया था। लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नही हो सकी।
सावित्री देवी द्वारा पुनः इस मामलें में प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली पत्र भेज कार्यवाही की मांग की उसके पश्चात मामलें को गंभीरता पूर्वक लेते हुये भारत सरकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एनएचएम डिविजन ने प्रधान सचिव हेल्थ एवं फेमिली वेलफेयर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को शिकायत अग्रेषित कर मामलें में जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित किया है। जिसके बाद कुछ उम्मीद जगी है।

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