कोरोना काल में भुखमरी की स्थिति में पहुंचे वित्त विहीन शिक्षकों को मिले राहत पैकेज-उमा कांत मिश्र

संतोष जायसवाल / हनीफ़ खान (संवाददाता)

करमा । कोरोना काल की भीषण महामारी के कारण लगभग दो वर्षो से विद्यालय बन्द होने व विद्यालयों में शुल्क न मिलने के कारण वेतन के अभाव में वित्त विहीन शिक्षक भुखमरी की स्थिति में पहुँच चुके है।शिक्षको को तत्काल राहत पैकेज दिए जाने के लिए माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी उमाकांत मिश्र ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिक्षको के हित में राहत पैकेज दिए जाने की मांग की है।
श्री मिश्र ने कहा कि प्रदेश के लाखों वित्तविहीन शिक्षक कोरोना के कारण विद्यालय बन्द होने से व शुल्क न प्राप्त होने से अपना व परिवार का जीवन यापन भी नही कर पा रहे है। विद्यालयों में शुल्क न के बराबर मिला है जिससे अधिकांश प्रबंधकों ने शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन देना बन्द कर दिया है। शिक्षक व कर्मचारी अपनी ही सरकार में बहुत ही दुखी व हताश,निराश महसूस कर रहे है, जो एक कल्यणकारी राज्य की परिकल्पना के विपरीत है,इससे शिक्षकों व कर्मचारियों में सरकार की असंवेदनशीलता का नकारात्मक संदेश जा रहा है तथा संगठन व सरकार के प्रति शिक्षकों में अविश्वास पैदा हो रहा है । इस मुद्दे पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक अति उदार मन से विचार करते हुए जीविकोपार्जन भरके लिए कोरोना राहत पैकेज शिक्षकों को दिया जाना वक्त व जरूरत की जायज़ मांग है। जिसे माननीय मुख्य मंत्री को स्वीकार करते हुए अविलंब राहत पैकेज देना चाहिए।जिससे वित्त विहीन शिक्षक इस महामारी में अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर सकें।

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