महाराष्ट्र में लॉकडाउन अगले 15 दिनों तक कायम रहेगा

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को जनता संवाद में यह स्पष्ट किया कि फिलहाल लॉकडाउन अगले 15 दिनों तक कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि वे लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाएंगे । 15 जून तक कड़क लॉकडाउन तो नहीं लेकिन इसी तरह से प्रतिबंध जारी रहेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग आगे आएंगे और ‘यह खोलो, वह खोलो’ का दबाव बढ़ाएंगे । लेकिन परिस्थितियों को देखकर फैसला लिया जाएगा। लॉकडाउन एकदम से नहीं हटाया जाएगा । महाराष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए यह जरूरी है । जहां संक्रमण कम है वहां थोड़ी ढील दी जाएगी । आगे मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि अगर रास्ते पर उतरना जरूरी ही हुआ तो कोरोना संवाहक बन कर ना उतरें, कोरोना योद्धा बन कर उतरें । कोरोना नियमों का पालन करें. प्रतिबंध तो हम धीरे-धीरे कम करेंगे ही लेकिन इसके बाद अगर बेवजह घर से बाहर निकलेंगे तो यह तीसरी लहर को निमंत्रण देने जैसा होगा ।

आगे कोरोना की स्थितियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आंकड़ों की बात करें तो अभी भी हम नीचे नहीं आए हैं । कोरोना में महाराष्ट्र नम्बर एक ही है । लेकिन एक राहत की बात है कि एक्टिव केसेस पहले से कम हैं । साथ ही ठीक होने वालों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है । ग्रामीण भागों में कोरोना का संक्रमण अभी भी अधिक है । महाराष्ट्र में अभी भी कई ज़िले ऐसे है जहां नियम हल्के करके देखा तो वहां केसेस बढ़ने लगे । शहर से ज्यादा गांवों में ऐसी स्थिति देखने को मिली ।

आगे मुख्यमंत्री ने तीसरी लहर पर बात करते हुए कहा कि पहली लहर ने बुजुर्गों को प्रभावित किया। दूसरी लहर से युवा वर्ग ज्यादा प्रभावित हुए । ऐसा अंदाजा है कि तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होने वाला है । हमें बच्चों को सुरक्षित रखना है. इसकी हमने व्यापक तैयारी की है । हमने टास्क फोर्स गठित किया है ।

डॉक्टरों का आह्वान करते हुए हमने ‘माझा डॉक्टर’ मुहिम शुरू की है । डॉक्टरों से संवाद साधा ।हम फैमिली डॉक्टरों को निर्देश दे रहे हैं कि वे मरीजों को स्थिति खराब होने से पहले उसका ध्यान रखें । उनकी हालत खराब होने से बचाएं । सही समय पर इलाज ना हो पाने की वजह से उनकी स्थिति खराब हो जाती है । अगर फैमिली डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे तो हम मरीजों की स्थिति खराब होने से बचा पाएंगे । और जहां अस्पताल जाने की नौबत आए तो मरीजों को तुरंत अस्पताल भेजने की कोशिश करें । यह जिम्मेदारी फैमिली डॉक्टर निभाएँगे । बरसात आ रही है ।

आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि माझी कुटुंब, माझी जबाबदारी (मेरा परिवार, मेरी जिम्मदारी) मुहिम का अच्छा प्रभाव हुआ । हमें अपनी जिम्मेदारी आगे भी समझनी होगी । मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना जैसे नियमों का पालन करते रहना है । जिस तरह हमने अपना घर कोरोना मुक्त किया उसी तरह क्या हम एक और ऐसी मुहिम नहीं चला सकते ‘माझा कोरोनामुक्त गांव’?

ऐसा कई लोगों ने किया है. पोपटराव पवार, ऋतुराज देशमुख, कोमलताई जैसे लोगों ने यह कर दिखाया है । हम सबको अपने-अपने गांव को कोरोनामुक्त करने का शपथ लेना होगा । इस तरह से हमें यह लक्ष्य अपनाना होगा कि हमारा घर कोरोनामुक्त हो, हमारी बस्ती कोरोनामुक्त हो, हमारा गांव कोरोनामुक्त हो । अगर गांव कोरोनामुक्त होगा तो महाराष्ट्र कोरोनामुक्त होगा ।महाराष्ट्र की कोरोना नियंत्रण करने के मुहिम की देश भर में तारीफ की गई है । महाराष्ट्र ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है । महाराष्ट्र कोरोनामुक्त होगा तो देश कोरोनामुक्त होगा ।

वैक्सीनेशन के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 45 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों के वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी केंद्र ने संभाली है । हमें 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन करवाना है ।हम इसके लिए समर्थ हैं । 18 से अधिक उम्र के 6 करोड़ व्यक्तियों के लिए दो डोज यानी 12 करोड़ डोज की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि जून तक हमें ठीक तरह से वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध होगा । फिलहाल वैक्सीन का संकट है । इसलिए हमने 18 साल से ऊपर के लोगों का वैक्सीनेशन रोका । राज्य में 2 करोड़ 25 लाख लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है । शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को हम वैक्सीन दे रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने अपने जनता संवाद में ऐसे बच्चों का भी जिक्र किया जिन्होंने अपने अभिभावकों को कोरोना काल में खो दिया है ।उन्होंने कहा कि आखिर में मैं यह कहूंगा कि इस दूसरी लहर में कई लोगों ने अपने खास लोगों को खोया है । कई बच्चों ने अपने अभिभावकों को खोया है. ऐसे अनाथ बच्चों के लिए केंद्र ने एक योजना लाई है । लेकिन राज्य की ओर से भी हम ऐसे अनाथ बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी लेंगे । राज्य सरकार ऐसे बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी निभाएगी ।

आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस संकट के समय में गरीबों को सहारा मिले इसका पूरा ध्यान रखा । हमारी योजनाओं से 850 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिला है। हमने 55 लाख शिव भोजन थाली मुफ्त में बांटे । मुफ्त में अन्न वितरण किया. फेरीवाले । ड़ोमेस्टिक वर्कर्स को आर्थिक मदद पहुंचाई । लोग लगातार सवाल पूछ रहे है । कोरोना के केसेस कम हुए तो क्या लॉकडाउन हटेगा । हम बस यही कोशिश कर रहे है कि हमारा राज्य सुरक्षित रहे ।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए ताउते तूफान का जिक्र करते हुए कहा कि कई सालों बाद ऐसा तूफान देखने को मिला है । पिछले साल भी हमारे यहां तूफान आया था । एक तो कोरोना ऊपर से तूफान । दोनों संभालना मुश्किल है पर सभी ने अपना काम जिम्मेदारी से किया । अब इस बारे में एक स्थायी समाधान ढूंढना जरूरी है । मेरी हाल ही में पीएम से बात हुई ।

इस तरह की घटनाओं की सहायता राशि मे बदलाव होने चाहिए । NDRF को अधिक मदद मिलनी चाहिए । लोगो को नुकसान की भरपाई जल्द देना चाहिए । हमें आशा है कि केंद्र सरकार की ओर से भी पूरा सहयोग मिलेगा ।

10वीं-12 वीं की परीक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी अहम राय सामने रखी । उन्होंने कहा कि इस साल हमने 10 वीं की परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया है । 12 वीं की परीक्षा पर आगे का भविष्य निर्भर करता है। इसलिए केंद्र भी इस पर थोड़ा ध्यान दे। हम इसे लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं । मैंने प्रधानमंत्री जी से भी बात की थी इस बारे में और राष्ट्रीय तौर पर एक जैसा नियम हो । 10 वीं का फैसला हमने कर लिया है लेकिन 12 का अभी नहीं कर पाए हैं । जल्दी ही इसपर निर्णय लिया जाएगा । शिक्षा को लेकर भी कुछ क्रांतिकारी उपाय लिए जाने जरूरी हैं । जैसे वर्क फ्रॉम होम का फैसला लिया गया। ऐसे में शिक्षा को लेकर भी ऐसा ही कुछ उपाय निकाला जाए ।

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