शिक्षकों के एक दिन के वेतन कटौती के वायरल माँग पत्र का प्राथमिक शिक्षक संघ ने जताया विरोध

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । शिक्षकों से एक दिन की वेतन कटौती कर कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजनों को राहत पहुँचाने संबंधी एक शिक्षक संगठन के सोशल मीडिया पर वायरल मांग पत्र पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति और विरोध जताया है।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पांडेय ने बताया कि “शिक्षकों ने इस संकट के दौर में हर मोर्चे पर बहादुरी से कार्य किया है तथा मानवता की रक्षा के लिए सुविधाओं और जीवन रक्षक उपकरणों हेतु बढ़-चढ़कर सहयोग किया है। सामाजिक सरोकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं कोरोना की पहली लहर के दौरान सरकार को स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग भी किया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र से जानकारी मिली है कि एक संगठन द्वारा प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों के वेतन से एक दिवसीय वेतन राशि कटौती की मांग करते हुए प्रदेश स्तर पर एक कोष गठित कर पीड़ित परिवारों को राहत पहुँचाए जाने की बात कही जा रही है, जो कि सर्वथा अनुचित एवं दुर्भाग्य पूर्ण है। संगठन का काम सरकार से शिक्षकों कर्मचारियों के हित में काम करने और कराने का दायित्व होता है। शिक्षकगण समय-समय पर सरकार को दान स्वरूप अपने वेतन का अंशदान कर आवश्यक मदद करते रहे है, आवश्यक होने पर शिक्षक पुनः अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे। परन्तु वर्तमान समय में माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार प्रत्येक पीड़ित शिक्षक/शिक्षामित्र एवं अनुदेशक के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि देकर उनकी मदद करना शासन का काम है। प्रदेश भर के शिक्षक/शिक्षामित्र एवं अनुदेशक विभिन्न माध्यमों/मंचो से प्रतिमास अपने पीड़ित शिक्षक परिवारों की करोड़ों रुपये से आर्थिक मदद कर रहे है। जिनमें टीसीएसटी/टीम पहल आदि मंच की भूमिका सराहनीय है। इनके माध्यम से एक-एक शिक्षक अपने पीड़ित शिक्षक साथियों के परिवारों/आश्रितों की मदद हेतु प्रति मास अपने वेतन से हजारो रूपये की सहायता पहुंचा रहे है। ऐसी स्थिति में किसी संगठन की मांग पर शिक्षकों के वेतन से कटौती किया जाना सर्वथा अनुचित एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेशीय प्रथमिक शिक्षक संघ इसका विरोध करता है साथ ही प्रदेश सरकार से मांग करता है कि किसी भी शिक्षक के वेतन से किसी भी प्रकार की कोई कटौती तब तक न की जाये जब तक सम्बन्धित शिक्षक अपने वेतन से कटौती कराये जाने हेतु लिखित मांग पत्र न दें, दिवंगत हुए सभी शिक्षकों/शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की सूची जोकि आपके कार्यालय स्तर पर उपलब्ध है, के परिवारों को तत्काल राजकीय कोष से माननीय उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार प्रति परिवार एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाय। पीड़ित परिवार के आश्रितों का अविलम्ब उनकी योग्यतानुसार श्रेणी-ग के अन्तर्गत नौकरी दी जाय और बिना किसी रूकावट के पारिवारिक पेंशन जारी की जाय।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!