कोरोना के दोनों डोज की वैक्सीन अलग-अलग होने पर चिंता नहीं – डॉक्टर वीके पॉल

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉक्टर वीके पॉल ने कहा है कि हमारा प्रोटोकॉल स्पष्ट है कि दिए गए दोनों डोज एक ही वैक्सीन की होनी चाहिए । अगर किसी को अलग-अलग वैक्सीन दी भी गई है तो यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए । यह सुरक्षित है। डॉक्टर वीके पॉल ने आज गुरुवार को आयोजित पीसी में कहा कि यह आश्वस्त करने वाला है कि कोरोना की दूसरी लहर में गिरावट आई है, और यदि समय आने पर प्रतिबंध व्यवस्थित रूप से खोले जाते हैं तो यह आगे भी कायम रहेगा । उन्होंने कहा कि दूसरी लहर भी अब घट रही है । इस बीच वैक्सीनेशन की दर बढ़ रही है. इसे और तेज करना होगा तथा जल्दी ही रफ्तार पकड़ेगी ।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में गलती से एक व्यक्ति को दो अलग-अलग वैक्सीन लग गयी थी । इसी पर बात करते हुए वीके पॉल ने कहा कि हमारा प्रोटोकॉल स्पष्ट है कि दिए गए दोनों डोज एक ही वैक्सीन की होनी चाहिए । इस मामले की जांच होनी चाहिए ।अगर ऐसा हुआ भी है तो यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। दूसरी वैक्सीन लग भी जाए तो कोई दिक्कत नहीं है. कई और कंपनियों की वैक्सीन के बारे में वीके पॉल ने बताया कि सरकार विदेशी निर्माताओं के संपर्क में है। मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया हमारी प्राथमिकता है । फिलहाल कई वैक्सीन अभी पाइपलाइन में हैं ।

फाइजर कंपनी की वैक्सीन के बारे में डॉक्टर पॉल ने कहा कि हम फाइजर के साथ जुड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने आने वाले महीनों में संभवतः जुलाई में वैक्सीन की एक निश्चित मात्रा की उपलब्धता का संकेत दिया है। उन्होंने सभी राष्ट्रों के प्रति दायित्व के पालन का अनुरोध किया है । हम उनके अनुरोध की पड़ताल कर रहे हैं ।अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने आज गुरुवार को कहा कि देशभर में कोरोना के 2.11 लाख नए केस सामने आए जो पिछले 22 दिनों में सबसे कम है। आज 2.11 लाख नए केस आए तो 2.83 लाख ठीक भी हुए हैं। कोरोना संकट के बीच वैक्सीनेशन के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देशभर में अब तक 20.26 करोड़ वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।



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