जिला ब्लड बैंक में पड़ने लगा है रक्त का टोटा

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

कोरोना काल में खून का बना संकट, रगो में कैसे दौड़ेगा खून

वर्तमान में ब्लड बैंक में नहीं है ए पॉजिटिव, एबी नेगेटिव, बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप का ब्लड

सोनभद्र । कोरोना महामारी को लेकर देशभर में डर का माहौल बना हुआ है। कोरोना संकट में लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। दूसरी लहर आने के बाद कई जगहों पर फिर से लाकडाउन कर दिया गया है। तेजी बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अस्पतालों के ब्लड बैंकों में भी रक्त की कमी होने लगी है। दूसरी ओर स्वेच्छिक रक्तदान में भी काफी कमी हो गई है। कोरोना संकट के चलते ब्लड बैंकों में रक्त की कमी होना शुरू हो गया है। इससे आपातकाल में जरूरतमंद मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पुराने जिला अस्पताल परिसर में स्थित जिला रक्त कोष की कुल क्षमता 300 यूनिट रक्त संग्रहीत करने की है। अब केवल इसका केवल 15 प्रतिशत यानी करीब 44 यूनिट रक्त ही बचा है। ऐसे आपातकालीन स्थिति में प्रसूति व गर्भवती महिलाएं, गंभीर बीमार और दुर्घटनाग्रस्त लोगों के लिए ब्लड बैंक में खून की कमी है। आम दिनों में इस बैंक में 150-200 यूनिट ब्लड रखा मिलता है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर का असर साफ देखने को मिल रहा है। आंशिक लॉकडाउन के दौरान स्वैच्छिक रूप से ब्लड डोनेट करने वाले लोग भी ब्लड बैंक नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे रक्त अधिकोष खाली हुआ हैं। फिलहाल जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में ओ पॉजिटिव 14, एबी पॉजिटिव 7, ए नेगेटिव 2, ओ नेगेटिव 4 तथा बी पॉजिटिव 17 यूनिट खून मौजूद है।

जिला ब्लड बैंक प्रभारी मानिक चंद गुप्ता ने बताया कि “रक्तदान किसी को जीवन दे सकता है। किसी गंभीर बीमार, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को समय पर खून की जरूरत पूरा कर हम उसे नई जिदगी दे सकते हैं। महिलाओं के प्रसव के दौरान खून की कमी होती है। ऐसे वक्त में हमारा दान किया हुआ खून दो जिदगियां बचाता है। नवजात शिशु के साथ-साथ माता को भी हम नया जीवन देते हैं। रक्तदान महादान हैं। ऐसे में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों से अपील है कि स्वेच्छा से रक्तदान को आगे आएं। शिविर का आयोजन करें। ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें।

ऐसे व्यक्ति कर सकते है रक्तदान

कोई भी व्यक्ति जो शारीरिक रूप से स्वस्थ है और कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है या उसको पहले संक्रमण नहीं रहा है, वह रक्तदान कर सकता है। जो लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं और उन्हें ठीक हुए 14 दिन से ज्यादा हो गया है वो भी अपना ब्लड डोनेट कर सकते हैं। जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली है वे अब वैक्सीन लगने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकते हैं।

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