भाई की नियुक्ति पर बोले बेसिक शिक्षा मंत्री- यह दुर्भाग्य है कि वह हमारा भाई है

आनंद चौबे/अंशु खत्री (संवाददाता)

सोनभद्र जिले में प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री आये तो थे कोविड को लेकर जांच करने । लेकिन मंत्री जी फंस गए भाई के झमेले में ।
दरअसल बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई अरुण द्विवेदी की नियुक्ति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में असिस्टेंट के पद पर हुई है । बात सिर्फ मंत्री के भाई की नहीं बल्कि चर्चा इस बात को लेकर शुरू हो गयी कि जिस EWS कोटे से नियुक्ति हुई है क्या मंत्री जी के भाई उसके हकदार हैं । विपक्ष ने मामले को उठाया तो सूबे में हड़कम्प मच गया ।

तो पहले आप जान लीजिए कि आखिर EWS है क्या…

EWS आर्थिक रूप से कमजोर समान्य वर्ग के लिए बनाया गया सर्टिफिकेट है। जिसे भारत सरकार द्वारा जल्द ही शुरू किया गया है । इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को भी नौकरी में 10% आरक्षण दिया जायेगा।

EWS कटगरी में आने के लिए अभ्यर्थी को एक ‘सामान्य’ केटेगरी का उम्मीदवार होना चाहिए ।

साथ ही उसके परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

EWS सर्टिफिकेट वही बनबा सकता है जिसके परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि न हो

साथ ही उसके परिवार के पास 1000 स्क्वायर फुट या उससे अधिक क्षेत्रफल का घरेलू प्लाट भी नहीं होना चाहिए।

देखिये पूरा वीडियो

अब मंत्री जी के भाई के पास यह सब है कि नहीं यह तो जांच का विषय है लेकिन मामला तूल पकड़ते देख मंत्री जी जरूर परेशान दिखे । मंत्री जी ने तो यहां तक कह दिया कि यह दुर्भाग्य है कि वह हमारा भाई है ।

अरे मंत्री जी साँच को आंच कैसा…आप ने तो जांच के लिए कही दिया है । फिर इस तरह की बयानबाजी क्यों । जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो जायेगा ।

बहरहाल मंत्री जी कह रहे हैं उनके भाई का चयन क़ाबिलियत की वजह से हुआ, पर क़ाबिलियत से EWS प्रमाणपत्र कैसे बनता है यह बड़ा सवाल है।

अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!