बगैर शपथ ग्रहण के कैसे खर्च करें रकम, ऊहापोह में नवनिर्वाचित प्रधान

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)सोनभद्र । नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को अभी तक शपथ नहीं दिलाई गई है, लेकिन कोरोना प्रबंधन से जुड़े कार्यों में उनको जिम्मेदारियां सौंपी जाने लगी। शवों का निस्तारण करने के लिए ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये खर्च करने के निर्देश दे दिए गए जबकि अभी तक ग्राम प्रधानों को बस्ता ही नहीं मिला। ऐसे में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ऊहापोह में फंसे हुए हैं।ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद नदियों के किनारे शव दफनाने एवं नदियों में शव प्रवाहित करने के मामले तेजी से सामने आने लगे। इसको लेकर प्रदेश सरकार बुरी तरह घिर गई। इसे देखते हुए आनन-फानन में पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने पंचायती राज उपनिदेशकों को शासनादेश जारी करते हुए कोविड संक्रमण एवं अन्य कारणों से हुई मौत के पश्चात शवों को नदियों में न बहाने एवं उनकी सम्मानजनक अन्त्येष्टि के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से पांच हजार रुपये दिए जाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग से मिली सूची के आधार पर एडीओ पंचायत इसकी संस्तुति करेंगे। इसके बाद सत्यापित करके ग्राम प्रधान के माध्यम सेे चिन्ह्नित परिवारों को यह राशि उपलब्ध करानी है, लेकिन इसमें एक पेंच फंसा हुआ है। अभी तक नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ नहीं दिलाई गई। प्रधान के पास डोंगल ही नहीं है। उसके पास कोई वित्तीय ताकत भी नहीं है। ऐसे में वह सीधे धनराशि उपलब्ध नहीं करा सकेगा। सचिव के माध्यम से ही जरूरतमंद को रकम उपलब्ध कराई जाएगी।उधर, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों पर ग्राम निधि से मदद करने का दबाव भी बढ़ रहा है। जनपद के नवनिर्वाचित प्रधानों का कहना है कि “कोरोना काल में डोंगल न होने से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को परेशानी हो रही है।”हालांकि डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि “शासनादेश के मुताबिक अत्याधिक निर्धन अथवा निराश्रित उन परिवार के लोगों को लाभ दिया जाएगा जो आर्थिक विपन्नता के चलते अंतिम संस्कार करने में सक्षम नहीं हैं। किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु जिसके परिजन नहीं है उसे भी ग्राम पंचायत अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये उपलब्ध कराएंगी। पंचायत में प्रशासकों के माध्यम से इसका भुगतान कराया जाएगा। नवनिर्वाचित एवं पूर्व ग्राम प्रधान पंचायत के निर्धन व्यक्तियों की सूची को सत्यापित कर सकेंगे। जिले में अब तक ऐसे दो मृतक आश्रितों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जा चुकी है।”

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