कोरोना का कहर: अक्षय तृतीया पर्व पर भी मां विंध्यवासिनी का दर्शन नहीं कर सके श्रद्धालु

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मिर्जापुर । अक्षय तृतीया पर्व पर मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह की बजाय मंदिर जाने वाले रास्ते पर किए गए बैरिकेडिंग के पास पूजा अर्चना करनी पड़ी। इसके बाद श्रद्धालु मां के मंदिर पर लगे पताका का दर्शन कर वापस घर लौट गए। कोरोना संक्रमण के कारण पण्डा समाज आम श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन को रोक दिया है। मां की पूजा और आरती श्रीविंध्य पण्डा समाज की तरफ से नियुक्त पुरोहित ही करते है।

अक्षय तृतीया पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन पूजन के लिए आते रहे है। अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त होने के कारण बड़ी संख्या में लोग बच्चों का मुंडन, जनेऊ संस्कार कराते थे। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर पर दर्शन पूजन आम श्रद्धालुओं के लिए बंद क दिया गया है। इसके बावजूद शुक्रवार को सुबह हजारों की संख्या में दूर-दराज के श्रद्धालु अपने चार पहिया वाहनों से विंध्यधाम में दर्शन पूजन के लिए पहुंच गए। वहीं प्रशासन ने अक्षय तृतीया पर मां के दरबार में जुटने वाली श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ के मद्देनजर पहले से ही विंध्य क्षेत्र में सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस की तैनाती कर दी गयी थी। वहीं पर चार पहिया वाहनों को रोक लिया गया। श्रद्धालु पैदल गंगा घाटों पर पहुंच कर स्नान करने के बाद मुंडन एवं जनेऊ का कार्यक्त्रम गंगा घाट या फिर अपने पुरोहितों के घर पर करा लिए। इसके बाद मां विंध्यवासिनी मंदिर के पास की गयी बैरिकेडिंग के पास ही पूजन सामग्री चढ़ा कर मां विंध्यवासिनी से कुशलता का आशीर्वाद मांगा। मां के पताका का दर्शन कर श्रद्धालु घरों को लौट गए। श्रद्धालु मंदिर की सीढ़ी छूने के लिए लालायित दिखे लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने कोरोना गाइड लाइन का हवाला देकर श्रद्धालुओं को मंदिर की सीढ़ी तक आने से रोक दिया। अमरावती चौराहा, पटेंगरा नाला, बरतर तिराहा पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। वहीं पर वाहनों को रोक दिया गया था।



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