कोरोना से जंग: सदर विधायक ने लसड़ा में किया सेनेटाइजेशन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जहाँ एक तरफ गंगा में शव मिलने का सिलसिला जारी है वहीं छोटे शहरों में भी चिताएं ठंडी होने का नाम नहीं ले रही। लेकिन छोटे जिलों में सरकारी आंकड़ों से इतर स्थानीय घाटों पर जो चिताएं जल रही है, वह भी जिला प्रशासन के लिए बेहद चिंता का विषय है। गांवों में हो रही मौत पर प्रशासन अभी उतना गम्भीर नजर नहीं आ रहा लेकिन ये मौतें क्यों हो रही है, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है।
यदि यह मौत किसी रहस्यमयी बीमारी के चलते हो रही है तो इस पर प्रशासन को तत्काल कैम्प लगाकर उपचार शुरू करना चाहिए और यदि मौत के पीछे कारण कोरोना है तो यह सभी के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। क्योंकि जिस तरह से गांव में मरने के बाद स्थानीय लोग बिना किसी प्रोटोकॉल के दाह संस्कार कर दे रहे हैं, यह कहीं न कहीं वायरस को और भी ज्यादा फैला रहे है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पास इन मौतों को लेकर कोई जानकारी नहीं है लेकिन स्वास्थ्य इन मौतों को रोकने के लिए भी कोई प्रयास नहीं करता नजर नहीं आ रहा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आज सदर विधायक भूपेश चौबे रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के लसड़ा गाँव में क्षेत्र में सेनिटाइजेशन करने निकल पड़े। सदर विधायक भूपेश चौबे ने सभी ग्रामीण से अपील किया कि लोग कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं, मास्क पहने एवं 2 गज की दूरी का पालन करें।

इस मौके पर पूर्व प्रधान जगत मोहन मिश्रा, प्रधान पति विमलेश पांडेय, प्रांशु पांडेय, अखिलेश कुमार, अनिल कुमार पांडेय, सफाई कर्मचारी जीया लाल सहित अन्य कर्मचारी व लोग मौजूद रहे।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि गांव में हो रही मौत को लेकर विपक्ष से लेकर कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है लेकिन अभी भी प्रशासन जमीनी स्तर कार्यवाही क्यों नहीं शुरू कर रहा। जिस हिसाब से गांव से सूचनाएं मिल रही है, ऐसे में यदि शासन-प्रशासन जल्द गंभीर नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब मौका हाथ से निकल जायेगा और फिर लकीर पीटने के सिवाय कुछ नहीं बचेगा।



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