यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में 5G टेक्नोलॉजी पर हुई चर्चा, भारत ने किया साफ, ट्रायल में किसी भी चीनी कंपनी को नहीं मिलेगा मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया । कोरोना की वजह से पहली बार सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल अंदाज में हुआ । भारत को इस शिखर सम्मेलन से पहले से ही काफी उम्मीदें थीं, कई जरूरी करार करने थे, ऐसे में इस बैठक को काफी अहम बताया गया था। अब भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई इस बैठक के बाद साझा बयान जारी कर दिया गया है ।दोनों भारत और यूरोपीय संघ के बीच कई जरूरी करार हुए हैं ।

अब क्योंकि ये बैठक कोरोना के बीच हुई है, ऐसे में इस महामारी पर भी विस्तार से बातचीत की गई है और वैक्सीन को समय रहते पूरी दुनिया तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया । जारी बयान में कहा गया है कि हम साथ मिलकर इस कोरोना को हराएंगे और अपनी एकजुटता के जरिए एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण करेंगे । वहीं वैक्सीन को लेकर कहा गया है कि इसे सही दाम में हर देश तक पहुंचाना जरूरी है । कोरोना की लड़ाई में इस्तेमाल आने वाले दूसरे उपकरणों को भी कम समय में हर देश तक पहुंचाने की वकालत की गई है ।

इसके अलावा, इस सम्मेलन में आतंकवाद पर भी चर्चा हुई है और इसके खिलाफ एक साझा रणनीति बनाने की बात कही गई है। साझा बयान में लिखा गया है- हम कड़े शब्दों में हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं और जो भी इसका शिकार हुआ है, उसे न्याय मिले ऐसी अपील करते हैं। वहीं हम चाहते हैं कि आतंकवाद की फंडिग को रोकने के लिए पूरी दुनिया के बीच एक आपसी साझेदारी हो जिससे हर नापाक मंसूबे को विफल किया जा सके ।

वैसे इस सम्मेलन में 5G टेक्नोलॉजी को लेकर भी अहम बातचीत हुई है । साझा बयान में कहा गया है कि 5G टेक्नोलॉजी से भी आगे का सोचना चाहिए और अब क्लाउड सर्विस को और ज्यादा सुरक्षित और ओपन बनाना चाहिए । अब जारी किए गए बयान में इस पहलू को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत में अब 5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल शुरू होने जा रहे हैं । सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि इन ट्रायल में किसी भी चीनी कंपनी को मौका नहीं मिलने जा रहा है, ऐसे में यूरोपीय संघ के लिए ये एक बड़ा अवसर हो सकता है ।

जानकारी मिली है कि आठ साल बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी करार हो सकता है । ये वो समझौता है जो कई सालों से अटका हुआ है और इसे पारित कराने की कोशिश लगातार जारी है । जब पीएम मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले लिया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि इस समझौते पर भी मुहर लगने जा रही है ।

वैसे इन मुद्दों के अलावा क्लाइमेट चेंज पर भी काफी चर्चा होती देखी गई है । जारी किए गए बयान में भी पेरिस समझौते को मजबूत करने और तमाम लक्ष्यों को समय रहते पूरा करने पर जोर दिया गया है । वहीं जारी बयान में भारत की भी तारीफ कर दी गई है। बताया गया है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने शानदार काम किया है और International Solar Alliance में भी एक सक्रिय भूमिका निभाई है ।

इस बैठक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से भी कई ट्वीट किए गए हैं और उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की है कि कई जरूरी मुद्दों पर विस्तार से बात भी हुई है और कुछ अहम फैसले भी हुए हैं । पीएम ने ट्वीट में लिखा है कि कोरोना को हराने में हमारी ये साझा साझेदारी बहुत जरूरी है, वहीं हमे स्थायी और समावेशी रिकवरी पर भी जोर देना होगा ।

पीएम मोदी ने इस बात पर भी खुशी जाहिर की है कि यूरोपीय संघ की तरफ से हमेशा भारत संग मजबूत रिश्तों की वकालत की गई है। प्रधानमंत्री की माने तो भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत रिश्ते पूरी दुनिया के लिए मायने रखते हैं और इनका भविष्य में भी सशक्त बने रहना बहुत जरूरी है ।



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