बेशुमार रहमतों का महीना है रमजान: हाफिज आफताब

अबुलकैश (डब्बल)

* जहन्नुम से आजादी का तीसरा असरा शुरू
धानापुर। रमजान का पूरा महीना इस्लाम के चाहने वालों के लिए बरकतों से भरा हुआ है। रमजान की फजीलत बयां करते हुए नायबुल कादरी मस्जिद के इमाम हाफिज मुहम्मद आफताब आलम ने बताया कि मुकद्दस माहे रमजान महीने का पहला असरा बरकत दूसरा असरा मगफिरत वाला और तीसरा जहन्नुम से आजादी का है। इस महीने में रोजेदारों पर अल्लाह ताला की बेशुमार रहमत बरसती है। सारे गुनाह माफ हो जाते हैं। इस महीने के तीसरे अशरे में अल्लाह ताला की इबादत करने से गुनाहों से आजादी मिलती है। तीसरा अशरा सोमवार से शुरू हो गया है। जो ईद का चांद दिखाई देने तक जारी रहेगा। माहे रमजान को 3 अशरों में बांटा गया है। दूसरा अशरा सोमवार को मुकम्मल हो गया है। सोमवार को ही मगरिब के बाद तीसरा अशरा शुरू हो गया है। इसी के साथ मस्जिदों में एतेकाफ में लोग बैठ गए हैं। एतकाफ बीसवें रोजे के मगरिब के नमाज से शुरू होकर चांद रात तक होता है जिसमें लोग मस्जिद में रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं। उन्होंने बताया कि तीसरे अशरे की ताक राते शबे कद्र होती है। अल्लाह ताला फरमाते हैं कि एतेकाफ में बैठने वाले मोमिन बंदे की इबादत का शवाब हजार महीने की इबादत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हदीस शरीफ में है कि जिस बस्ती की मस्जिद में कोई एक भी शख्स एतेकाफ में बैठकर अल्लाह ताला की इबादत करें तो उस बस्ती के लोगों के गुनाहों को भी माफ कर दिया जाता है। पूरी बस्ती में अल्लाह ताला की रहमत बरसती है।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!