आंकड़ों के गेम उलझे उम्मीदवार

मनोहर कुमार

* जीत हार पर लग रही शर्त।
* गांवों में रिजल्ट से पहले परिणाम पर हो रही चर्चा।
चंदौली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का परिणाम दो मई को आएगा। इसके पहले ही गांवों में परिणाम को लेकर पैंतरेबाजी चल रही है।आंकड़ों के गेम में उम्मीदवार और उनके समर्थक उलझे हुए हैं।जीत हार को लेकर शर्त भी लग रही है। रिजल्ट को लेकर कयासों का दौर भी चल रहा है।उम्मीद के इंतजार उम्मीदवार दिवा स्वपन भी देख रहे हैं।प्रत्याशियों व वोटों की संख्या के आधार पर जीत हार का आंकलन हो रहा है। धान के कटोरे के रूप विख्यात चंदौली में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में राजनीति अब भी चरम पर है।मतदान के बाद से जीत हार के बाद कयासों पर बल दिया जा रहा है। प्रधान,ग्राम सभा सदस्य,जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार अब दो मई के होने वाले मतगणना पर अपनी निगाह टिका रखे हैं। इसके पहले गांवों के उम्मीदवार व उनके समर्थक वोटों के आंकड़े में उलझे हुए।किसे कितना और कहां से मत मिला। है।किस पुरवे से कितना वोट किस उम्मीदवार को मिला।हमारे उम्मीदवार को कितना वोट मिला। वोटों की संख्या ,पड़े मतों की संख्या व उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर आकलन किया जा रहा है।किसके खाते में कितना वोट पड़ सकता है।सबसे ज्यादा चर्चा जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों पर है। इस बार के पंचायत चुनाव में राजनीतिक दलों ने अधिकृत उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कोरोना काल के संक्रमण के दौर में हुए मतदान के बाद से कयासों को बल मिल रहा है। ग्राम प्रधान के पद पर भी कोई चर्चा हो रही है।समर्थक अपने उम्मीदवार की जीत पक्की मानकर चल रहे हैं।एक तरह से देखा जाए तो गांव में बहस वीरा जारी है।उम्मीदवारों के जीत हार के दावे किए जा रहे हैं।दो दिन बाद दो मई को नतीजे आने के साथ ही उम्मीदवारों के दिन बाहुरेंगे या गर्दिश में होंगे।



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