जीवन में निराशा से आगे बढ़ने के लिए खुद को मोटिवेटेड रखना हैं जरूरी

हम सभी को कभी न कभी निराशा का समाना करना पड़ता है। कभी किसी परीक्षा में मन मुताबिक नंबर नहीं आने पर, तो कभी कॅरियर में मनचाही सफलता नहीं पाने पर। कभी रिश्तों में तो कभी किसी और बात पर, खुशी की तरह निराशा भी हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। मगर घटित हो चुके समय की निराशा में डूबे रहने से अच्छा है कि आप अपने वर्तमान समय का बेहतर सदोपयोग करने की कोशिश में जुट जाएं। जीवन में निराशा से आगे बढ़ने के लिए खुद को मोटिवेटेड रखना जरूरी है। आगे पढ़ें राह को आसान करने वाली ती बातें-

1- दुख आए तो न हों निराश:
जीवन में जब दुख आता है, तब निराशा भी साथ आती है। फिर लगने लगता है कि अब सब खत्म हो रहा है, निराशा छा जाती है। कुछ ठीक होगा ही नहीं। पर क्या जीवन वाकई इतनी आसानी से पकड़ में आ सकता है? कहा जाता है कि जीवन किताब की तरह है। कुछ पन्ने दुख कह रहे होते हैं तो कुछ खुशियां। कुछ रोमांचित कर देते हैं। पर आगे क्या है, यह तभी पता चलता है, जब हम पन्नों को पलटते हैं। यानी जब हम आने वाले समय को जीते हैं।

2- खुद की नजर में रहें सही:
आपसे सब लोग खुश रहें, ऐसा मुमकिन नहीं है। भले ही आपसे कोई मतलब न हो, पर लोग अच्छी-बुरी राय बनाते रहते हैं। ऐसे में लगातार दूसरों की नजर में चढ़ने के बजाए अपनी नजर में उठने की कोशिश करना चाहिए। लेखक एडमंड बायका कहते हैं, ‘कुछ लोगों को खुश करना मुश्किल होता है। ऐसे लोगों पर अपना समय और ऊर्जा खर्च करने से बचना चाहिए।’

3- चीजों को वर्तमान और व्यवहारिकता की नजर से देखें:
जो हालात बस में नहीं, उस पर क्या कहना या सोचना! कहां जन्म हुआ, क्या मिला, कितने अभावों में जिए, इसकी शिकायत कब तक? बचपन में हमें किस तरह गढ़ा गया, उस पर हमारा जोर नहीं। पर बड़े होने पर क्या किया, यह हमारी जिम्मेदारी है। अमेरिकी महान विचारक बेंजामिन फ्रेंकलिन कहते हैं, ‘जो बहाने बनाने में अच्छा होता है, वह किसी और काम में अच्छा नहीं होता।’



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