जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल-बेहाल : धीरज पांडेय

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

आपदा में भी अवसर की तलाश कर रहे सीएमओ सोनभद्र – धीरज पांडेय

कर्मचारियों की कोविड ड्यूटी नहीं लगाने के नाम पर चल रहा बड़ा खेल – धीरज पांडेय

यदि समय रहते नहीं चेता जिला प्रशासन तो गहरा सकता है जिले में स्वास्थ्य संकट – धीरज पांडेय

सोनभद्र । प्रदेश की योगी सरकार और जिले की लचर हो चुकी स्वास्थ्य सेवाओं पर युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव धीरज पाण्डेय ने तगड़ा हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने कहा कि सूबे के योगी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बद से बदतर हो चुका है, अफसर निरंकुश हो चुके हैं और जनप्रतिनिधि लाचारी का रोना रोते हुए धनार्जन में जुटे हुए हैं। कोविड संक्रमण में जिन्दगी और मौत से जूझते मरीज और उनके परिजन आँशु बहा रहे हैं और सरकार मौतों का आंकड़ा छुपाने के जुगत में जुटी हुई है, सरकारी बयानबाजी और आंकड़ों में सब कुछ आल इज वेल है। जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी आपदा में अवसर की तलाश कर रहे हैं। बुधवार को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के परही में एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का शव 7 घंटे घर के बाहर पड़ा रहा लेकिन उसके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों द्वारा बार-बार सीएमओ को फोन करने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं किया जाना यह दर्शता है कि सीएमओ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति कितने तत्पर हैं। दूसरी घटना L-2 हॉस्पिटल की है जहाँ एक शिक्षक नेता का शव भी शव वाहन के इंतजार में घंटों बाहर पड़ा रहा लेकिन इसकी सुधि लेने वाला भी कोई नहीं था।

यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव धीरज पांडेय कहा कि जिले में सीएमओ द्वारा कर्मचारियों की कोरोना ड्यूटी लगाने के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। जिससे विगत एक वर्ष से कोरोना ड्यूटी में लगे स्वास्थ्य कर्मियों में सीएमओ द्वारा ड्यूटी लगाने में भेदभाव करने को लेकर असन्तोष गहराता जा रहा है। लगभग 50 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी कर रहे हैं, इनमें से कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिनसे 12 से 14 घण्टे कार्य लिया जा रहा है, और वहीं कुछ ऐसे हैं जो सीएमओ के कृपा पात्र बनकर मौज कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह से कोरोना ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। सीएमओ द्वारा कर्मचारियों और डॉक्टरों की ड्यूटी के नाम पर जो खेल चल रहा है यदि जिले के उच्चाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों द्वारा समय रहते बन्द नहीं कराया गया तो जिले में स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। ऐसे में कर्मचारियों के असन्तोष को दूर करते हुए जिम्मेदार अफसरों के कार्य-व्यवहार पर दृष्टि डालते हुए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है, जिससे जनता को बेहतर सेवाएं मुहैया हो सके।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!