कोरोना की दूसरी लहर को अवसर में बदलने के लिए माल की हो रही जमाखोरी, महंगाई बढ़ी

गौरव पाण्डेय (संवाददाता)

फरीदपुर । जहां एक तरफ देश प्रदेश में कोरोना जैसी महामारी चल रही है वहीं कुछ थोक व्यापारी ज्यादा मुनाफाखोरी के चक्कर में रोजमर्रा की खाने पीने की चीजों को अपने गोदामों में स्टाक कर ऊचे दामों में बेचना शुरू कर दिया है। जो इस दैवी आपदा में गरीब मजदूर बेरोजगार होकर घरों पर बैठा है, उनके सामने धनाभाव के चलते मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं । कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर इतनी तेजी से बढ़ी कि उसने सरकार एवं आम लोगों को ही हिला कर रख दिया ।कोरोना की बढ़ती रफ्तार को रोकने के लिए जहां सरकार ने रात्रि कर्फ्यू रविवार बंदी लागू कर दी ताकि लोगों को इस बढ़ते संक्रमण से बचाया जा सके। सोशल डिस्टेंसिंग बना रहे, पर यहां के व्यापारियों ने उक्त महामारी को अवसर में बदलना शुरू कर दिया । जो सरसों तेल ₹125 लीटर बिकता था वह आज ₹155 लीटर बाजार में बिक रहा है। रिफाइंड तेल ₹110 लीटर बिकता था वह आज ₹155 लीटर बिकना शुरू हो गया है। डालडा घी। 144 किलो चीनी। 40 आलू।₹10 किलो वाला ₹15 किलो प्याज ₹20 किलो वाला ₹40 किलो। लहसुन ₹100 किलो वाला 150 रुपए किलो। लौकी ₹10 की दो के स्थान पर 10 की एक। तुरई ₹20 किलो के स्थान पर ₹35 किलो। टमाटर ₹10 के स्थान पर ₹20 किलो। रमजान और नवरात्रि पर्व होने के कारण फलों के भी दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। केला‌ ₹20 दर्जन के स्थान पर 40 से ₹60 दर्जन। सेव। 150 से180 किलो अनार। 100 से 150 किलो अंगूर। 80 से 100 किलो संतरा। 60 से 100 किलो आदि रोजमर्रा की चीजों पर दुकानदारों ने मनमाने दाम बढ़ाकर बेचने शुरू कर दिए हैं । पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुनाफाखोर व्यापारी माल ना मिलने व महंगा माल मिलने का बहाना बनाकर अपने ही देश की अपनी जनता के साथ धोखा कर रहे हैं । मदद की जगह पर समय का नाजायज फायदा उठा रहे हैं । ऐसे व्यापारी फुटकर दुकानदारों को माल की शॉर्टेज दिखा कर महंगा दे रहे हैं जो ग्राहकों को मंहगा मिल रहा ।



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