चैत्र नवरात्र पर कोरोना का साया घरों में पूजी गई माता शैलपुत्री

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। प्रथम चैत्र नवरात्र को कस्बे के जिस मंदिरों में पूजा अर्चना करने वाले भक्तों का जन सैलाब उमड़ता था, तड़के चार बजे से पूजा अर्चना करने को भक्तों की लाइन लगती थी। कोरोना वायरस के चलते उसमें पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। नगर के काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के साथ ही रेणुकापार के प्रसिद्ध कुंडवासिनी धाम, जिरही माता मंदिर व बंसरा देवी मंदिर पर इक्का दुक्का भक्त पहुँच दर्शन पूजन किये लोगों ने आस्था के ऊपर देश को रखा। चारों तरफ लोगों की इस पहल की तारीफ भी की जा रही है। देश हित में लोगों ने यह साबित कर दिया कि धर्म से ऊपर देश है। प्रथम चैत्र नवरात्र को लोगों ने उपवास रखकर अपने घरों में ही माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। सरकार एवं प्रशासन के आदेशों का पूरी तरह से पालन किया। भक्तों के न पहुंचने से नगर के सभी मंदिरों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा।

वहीं कैलाश मंदिर में भी पूजा अर्चना करने के लिए इक्का दुक्का भक्त ही पहुंचे। कैलाश मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर पाण्डेय उर्फ राजू पाण्डेय ने बताया कि चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जा रही है। कोरोना वायरस को लेकर सरकार के नियमो का पालन करते हुए भक्त उपवास रखकर घरों में ही पूजा अर्चना कर रहे हैं। इक्के दुक्के जो भक्त पहुंचे भी उन्होंने माता से विनती की कि जल्द से जल्द देश और दुनिया को इस वायरस से छुटकारा मिले। आसपास के लोगों का कहना है कि समय देश और दुनिया संकट में है। अगर हम अनुशासन में रहें और सरकार की ओर से की गई अपील का पालन करते रहें तो जल्द ही इस हालात से बाहर निकल आएंगे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!