चैत नवरात्र का प्रथम दिन-कलश स्थापना के साथ पूजन प्रारम्भ

धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)

विंढमगंज। विक्रम संवत 2078 के साथ हिंदू कैलेंडर का नव वर्ष का शुभारंभ हुआ। इसी के साथ 9 दिनों तक चलने वाला चैत्र नवरात्र की विशेष पूजा अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है। बासंतिक चैती नवरात्र की पहले दिन प्रात: कलश स्थापना के साथ हुई। वहीं नगर के मेन रोड पर लगभग 2 किलोमीटर रामनवमी सेवा समिति के द्वारा महावीरी झंडा वन लाइट लगाए जाने से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया है।

कोरोना संक्रमण के बीच अधिकांश श्रद्धालु अपने-अपने घरों में कलश स्थापन कर पूजा अर्चना की गई। हिंदू धर्मावलंबियों ने सोशल मीडिया पर नव वर्ष के पहले दिन एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। घरों में महिलाओं ने पूजा स्थल की विशेष साफ सफाई के साथ देवी दुर्गा की पूजा अर्चना की। रामनवमी सेवा समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव ने कहां की बीते कई वर्षों से स्थानीय जनों के सहयोग से पूरे कस्बे में भगवा ध्वज को लगवाया गया है साथ ही साथ स्ट्रीट लाइट भी लगवाया गया है ताकि रात्रि में मंदिरों को दर्शन पूजन करने में श्रद्धालुओं को किसी तरह की आवागमन के दौरान परेशानी ना हो।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा की उपासना के ये नौ दिन काफी खास माने जाते हैं। लोगों का ऐसा विश्वास है कि मां इन दिनों भक्ति से प्रसन्न होकर सभी की इच्छाएं पूर्ण करती हैं।

अंग्रेजी हुकूमत के समय में ही स्थापित मां काली मंदिर में कलश स्थापना के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गया। देवी धाम संचालन समिति के पुजारी बबलू तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कार्यक्रम में कई तब्दीली की गई है। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए लोगों को धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने दिया जा रहा है।

दिगंबर अखाड़ा अयोध्या से संबंध श्री राम मंदिर पर विधि विधान से कलश स्थापन के पश्चात पूजा अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी हृदयानंद तिवारी ने कहा कि लगातार नौ दिनों तक विद्वान पंडित के द्वारा शाम 6 बजे से कथा के माध्यम से संगीतमय प्रवचन होगा।



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