कोरोना संक्रमण के साए में चैत्र नवरात्र मेला शुरू

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

मिर्जापुर । चैत्र नवरात्र मेले पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का साया दिख रहा है। पिछले साल भी मार्च-अप्रैल में होने वाले चैत्र नवरात्र मेला कोरोना के कारण प्रभावित हो गया था। 22 मार्च को लाकडाउन शुरू हुआ। शासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर सख्ती बढ़ा दी गई थी। लाकडाउन के चलते मंदिर पूरी तरह से बंद थे। लोगों ने घरों में पूजा की थी। इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र मेले पर कोरोना संक्रमण का साया दिख रहा है। इससे श्रद्धालुओं के साथ ही विध्याचल के दुकानदारों में मायूसी छा गई है।
आदिशक्ति और साधना स्थल के रूप में विध्यधाम दुनियाभर में शुमार है। विध्याचल में मां सरस्वती, महाकाली एवं अष्टभुजा एक साथ निवास करती हैं। यही वजह है कि यहां दर्शन-पूजन एवं साधना करने वालों को फल की प्राप्ति होती है। नवरात्र के समय वैसे तो लाखों भक्त दर्शन-पूजन के लिए आते हैं, लेकिन कोरोना के चलते फिलहाल कम ही श्रद्धालु विध्यधाम पहुंच रहे हैं। कोरोना काल में देवी धाम में विशेष इंतजाम किए गए हैं। चैत्र नवरात्र के पूर्व सोमवार को भी श्रद्धालुओं ने विध्यधाम पहुंचकर मां विध्यवासिनी का आशीर्वाद लिया। कोरोना के चलते प्रतिबंध के बाद भी श्रद्धालुओं के चेहरे पर अलग ही खुशी झलक रही थी। मां विध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं के चरणों में मत्था टेका। श्रद्धालुओं के जयकारे से विध्यधाम गुंजायमान हो उठा।
दीवान घाट, पक्का घाट, बाबू घाट, गुदारा घाट, अखाड़ा घाट पर बैरिकेडिग की गई है। महिलाओं को वस्त्र बदलने की भी व्यवस्था की गई है। पेयजल व प्रकाश व्यवस्था पूरी कर ली गई है। नगर पालिका की ओर से गंगा घाटों पर सफाई तो करा ली गई लेकिन गलियों में हर रोज सफाई न होने से गंदगी फैला हुआ है।

घाट के पंडा नन्हकू उपाध्याय ने बताया कि गंगा घाटों पर चार दिन पूर्व सफाई कराई गई थी। उसके बाद दोबारा सफाईकर्मी वहां पर नहीं दिखाई दिए।

दीवान घाट के दुकानदार राजेंद्र मास्टर ने बताया कि गंगा घाट से लेकर गलियों तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। प्रशासन की ओर से विशेष एहतियात बरतने की तैयारी तेज कर दी गई है। मंदिर के चारों तरफ बैरिकेडिग की गई है। इससे पूरब व जैयपुरिया गली के तरफ से श्रद्धालु मंदिर पर नहीं चढ़ पाएंगे। थाना कोतवाली रोड पर झांकी दर्शन व गर्भगृह तक पहुंचने के लिए लाइन लगेगा। न्यू वीआइपी मार्ग से भी श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सकेंगे। शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए गोला बनाया गया है। वीवीआइपी को दर्शन कराने के लिए तीर्थ पुरोहित दानपात्र से होकर गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे। कई दर्शनार्थियों ने नवरात्र से पहले ही होटल बुक करा रखी थी, लेकिन कोरोना के चलते तमाम प्रतिबंध लागू होने से बुकिग कैंसिल होने लगा है।



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