कूचबिहार दौरे के रोक से बिफरी ममता, कहा- चुनाव आयोग को MCC का नाम बदलकर मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख लेना चाहिए

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच कूचबिहार की घटना को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है । हिंसा के बाद कूचबिहार जिले में चुनाव आयोग ने 72 घंटे पहले ही प्रचार खत्म कर दिया । साथ ही बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कूचबिहार दौरे पर भी रोक लग गई। जिसके बाद अब टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर बिफर पड़ी हैं । उन्होंने चुनाव आयोग को MCC (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) का नाम बदलकर मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख लेना चाहिए । ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी हमला बोला है ।

ममता बनर्जी ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘चुनाव आयोग को मोदी कोड ऑफ कंडक्ट के रूप में एमसीसी का नाम बदलना चाहिए । बीजेपी अपनी ताकत का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन इस दुनिया में कोई भी मुझे अपने लोगों के साथ होने और अपना दर्द साझा करने से नहीं रोक सकता । वे मुझे कूच बिहार में 3 दिनों के लिए अपने भाइयों और बहनों से मिलने से रोक सकते हैं, लेकिन मैं 4 वें दिन वहां पहुंचूंगी ।’

इससे पहले कूचबिहार मामले को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि सीतलकुची जाने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है । पीड़ित परिवार से मैं मिलना चाहती थी । चुनाव आयोग ने मुझे पीड़ित परिवार से मिलने से रोका । चुनाव हो गया, फिर भी मुझे रोका जा रहा है । उन्होंने कहा कि मैं 14 अप्रैल को कूचबिहार जाऊंगी । ये लड़ाई मेरी नहीं, सभी के लिए है । ममता ने कूचबिहार की घटना को नरसंहार बताया है ।

दरअसल, शनिवार को मतदान के बीच कूच बिहार जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में कुल पांच लोग मारे गए । माथाभांगा ब्लॉक के शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय बलों ने एक भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिससे चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक अन्य घटना में, पहली बार एक मतदाता मारा गया । बूथ नंबर 126 यह घटना हुई थी । हालांकि पुलिस ने दावा किया कि सीआईएसएफ के जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चला दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई । शनिवार को मरने वाले चार लोगों की पहचान अमजद हुसैन (28), चालमू मियां (23), जोबेद अली (20) और नाम मिया (20) के रूप में हुई ।

घटना के बाद, चुनाव आयोग ने बूथ में मतदान स्थगित कर दिया और विशेष पर्यवेक्षकों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी एरीज आफताब से शनिवार शाम तक रिपोर्ट मांगी । बाद में चुनाव आयोग ने जिले में 72 घंटे पहले ही प्रचार पर रोक लगा दी । चुनाव आयोग ने शनिवार शाम को एक नोट जारी कर यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री की शीतलकूची की यात्रा की योजना को रोक सकता है । यानी इस आदेश के बाद सभी राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ ममता बनर्जी पर भी कूच बिहार जाने पर पाबंदी रहेगी । हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री की हैसियत से ममता बनर्जी कूच बिहार जाना चाहती थीं । इस रोक से ममता बनर्जी खफा हैं । कूच बिहार में तीन दिन तक के लिए नेताओं की एंट्री बैन हो गई है तो टीएमसी चीफ ने चुनाव आयोग और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा ।



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