कोरगी जंगल में लगी आग,धू-धू कर जल रहे पेड़

धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)

-मुख्य वन संरक्षक ने कहा-महुआ बीनने के लिए ग्रामीणों द्वारा पेड़ के नीचे साफ-सफाई के लिए लगा दी जाती है आग

– आग बुझाने में जुटे वनकर्मी

विंढमगंज। विंढमगंज रेंज के कोरगी बीट के जंगलों में पिछले चार दिनों से लगी आग की लपटों से कई वेशकीमती पेड़ झुलस गए वहीं सैकड़ों हरे पेड़ जलकर राख हो गये।विभाग के लापरवाही के कारण शुरू में इसे नियंत्रण में करने का प्रयास नहीं किये जाने से आग लगभग पंद्रह किलोमीटर के दायरे में फैल चुका है। कोरगी बीट के डूमरा ग्राम पंचायत से सटे जंगल में उठ रही लपटों की आंच बस्तियों तक महसूस की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती से सटे वन क्षेत्रों में जायका द्वारा पूर्व में वन समितियों की ओर से कत्था, आंवला,शाखू, सागौन,नीम जैसे दर्जन भर प्रजातियों के हजारों पेड़ लगाए गए हैं।इनका कहना है कि यदि आग को नियंत्रित नहीं किया गया तो ये सभी पेड़ लपटों की जद में आकर नष्ट हो जाएंगे।जंगल में आग लग जाने से वन्य जीव अपनी सुरक्षा के लिए बस्तियों की ओर पहुंच रहे हैं जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है।ग्रामीण इस दौरान जंगल में कई छोटे एवं असहाय जीवों के जलकर मर जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले चार पांच दिनों से जोगीवीर पहाड़ी, गिधपना पहाड़ी, महुरांव, डोंगाखोह, बगडेवा आदि के जंगल धू धू कर जल रहे हैं लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने इसकी कोई सुधि नहीं ली।

मुख्य वन संरक्षक अधिकारी मिर्जापुर रमेश कुमार ने बताया कि महुआ बिनने के चक्कर में लोग पेड़ों के नीचे आग लगाते हैं। जिसके वजह से वह आग जंगल में फैल जाती है। वन विभाग की टीम को आग बुझाने के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों को यह निर्देश दिया गया है कि पेड़ों के नीचे आग लगाने से जंगल में कोई नुकसान हुआ तो आप लोगों के ऊपर कानूनी कार्रवाई किया जाएगा।


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