रामभद्राचार्य महाराज द्वारा गौतम बुद्ध के ऊपर किये गए गलत बयानबाजी से छुब्ध लोगो ने सीओ को सौंपा ज्ञापन

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। 24 फरवरी को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के परिसर में हैप्पीनेस सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर रामभद्राचार्य महाराज नें महामानव तथागत गौतम बुद्ध के ऊपर आरोप लगाते हुए यह कहा कि उन्होंने देश को नपुंसक बना दिया , देश का बहुत बड़ा नुकसान किया । यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर भी आरोप लगाया क़ि वह बुद्ध को ठीक से समझ नहीं पाए । उनके इस कथन से बौद्ध धर्मावलंबियों में सभी बुद्ध के विचारों को मानने वालों में एवं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के मानने वालो संविधान को मानने वालों को धार्मिक अपमान क़ा एहसास हुआ है । जिसको लेकर अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति ओबरा के संरक्षक राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में ओबरा सीओ को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें रामभद्राचार्य महाराज के विरुद्ध आईपीसी की धाराओ में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की मांग की है ।

सभी नें संयुक्त बयान में कहा कीं बुद्ध के योगदान को किसी भी इतिहासकार या विद्वान द्वारा चुनौती नही दी जा सकती।बुद्ध के सिद्धांत पर, चलकर राष्ट्रीय एकता मजबूत हुई,विदेशी संपर्क बढ़ा,नैतिक स्तर बढ़ा,साहित्य, शिक्षा कला ,व्यापार और वाणिज्य का विकास हुआ। भारत को वैश्विक पहचान मिली। सम्राट अशोक ने प्रेरणा लेकर आदर्श शासन की स्थापना की। इस मौके पर अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति ओबरा के संरक्षक राजेंद्र प्रसाद, बहुजन सशक्तिकरण संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार डिम्पल, अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति ओबरा के सदस्य रमेश भारती ,राम जतन भारती , विकास कुमार, दिनेश कुमार इत्यादि लोग उपस्थित थे ।



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