पीएम जन औषधि केंद्र बना गरीब मरीजों का सहारा : राकेश शरण मिश्र

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

● लार्ड बुद्धा इन्फार्मेशन टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट में जन औषधि पर परिचर्चा

● छात्राओं को वितरित किए गए मुफ्त सैनेटरी पैड

सोनभद्र । सस्ती दवाएं समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं और इस जरूरत को पूरा करने में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र एक सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। बदलते दौर में जिस तेजी से लोगों की दवाओं पर निर्भरता बढ़ी है, उसे देखते हुए पीएम मोदी की यह पहल आम जन के लिए बेहद उपयोगी है।

उक्त बातें संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने लार्ड बुद्धा इन्फार्मेशन टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट में जन औषधि पर आयोजित परिचर्चा के दौरान कही।

तरनि फाउंडेशन फ़ॉर लाइफ की ओर से हुए इस आयोजन में यहां सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं छात्राओं को इंस्टीट्यूट की सरिता सिंह और नरगिश ने जन औषधि सुविधा सैनेटरी पैड का मुफ्त वितरण किया। परिचर्चा में सामाजिक कार्यकर्ता विरेंद्र सैनी ने कहा कि बदलते दौर के साथ लोगों की दिनचर्या और खानपान में बदलाव आया है और इस नाते पहले की तुलना में बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। दवा-इलाज का महंगा खर्च आम परिवारों के समर्थ से बाहर हो जाता है। खासकर गरीब परिवारों के लिए तो इतनी मुश्किल हो जाती है कि जरूरत के बावजूद वह महंगी दवाएं नहीं खरीद पाते। ऐसी स्थिति में जन औषधि केंद्रों के जरिए उन्हें एक ऐसा विकल्प मिला है, जहां वह कम से कम कीमत में अपनी जरूरत की दवाएं खरीद पा रहे हैं।

अध्यक्षता लार्ड बुद्धा इन्फार्मेशन टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट के निदेशक चंद्रेश कुमार ने की। तरनि फाउंडेशन फार लाइफ की अध्यक्ष अपर्णा कपूरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट राजेश गौतम और प्रतीक मिश्र ने जेनरिक दवाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी।



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