रेलवे द्वारा पैदल मार्ग पर बैरिकेडिंग का ग्रामीणों ने किया विरोध

संतोष जायसवाल / हनीफ़ खान (संवाददाता)

करमा। प्रयागराज रेल मण्डल के अधीन चोपन- चुनार रेल खण्ड पर कर्मा सोनभद्र में घोरावल राजवाहा गेट नंबर 11 सी जिसपर पूर्व में फाटक लगा था जिसे खोलने व बंद करने हेतु सिंचाई विभाग का कर्मचारी लगा हुआ था। कतिपय कारणों से सिचाई विभाग द्वारा अपना कर्मचारी हटा लिया गया। जिस कारण फाटक को खोलने व बंद करने के लिये कोई कर्मचारी नहीं रह गया इस वजह से रेलवे द्वारा उक्त मार्ग पर लगे रेलवे फाटक को उखाड़ कर पिलर लगा कर बंद कर दिया गया। जिसे खोलने के लिये स्थानीय लोगों द्वारा जिलाधिकारी से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक से कई बार गुहार लगा चुके हैं किंतु उक्त फाटक या मार्ग को अभी तक नहीं खोला गया।
दिनांक 28/2/21 को अचानक आरपीएफ चौकी चुर्क से उपनिरीक्षक ओमप्रकाश , कॉन्स्टेबल संग्राम संगम, कां. नरेन्द्र कुमार, कां. इन्द्रेश व अन्य रेल कर्मियों को भेज रेलवे द्वारा पैदल आने जाने के लिए खुले भाग को भी गार्डर लगा बंद किया जाने लगा। ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उक्त गेट पर दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में जमा हो गए और गार्डर लगाए जाने का विरोध करने लगे । ग्रामीणों का कहना था कि उक्त गार्डर लग जाने पर पैदल , साइकिल तक नहीं आ पाएगी ऐसी स्थिति में हम लोगों को कर्मा आने जाने के लिये 8 से 10 किमी ज्यादा दूरी तय करना पड़ेगा। जबकि हम लोगों के लिये करमा एक सुलभ बाजार है जहाँ लोगों के जरूरत की हर वस्तुएं उपलब्ध हैं यथा ब्लॉक सरकारी अस्पताल, बैंक , इण्टर कॉलेज, सहकारी समिति, महाविद्यालय और मिर्ज़ापुर व सोनभद्र मुख्य मार्ग तक पहुंचने का एक मात्र सुलभ मार्ग है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनहित के दृष्टिगत उक्त मार्ग को पुनः खुलवाने कृपा की जाय। जब तक गेट नहीं खुलता तब तक यथास्थिति बहाल रखी जाय।



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