एक जनपद एक बार तर्ज पर पंचायत चुनाव, बदला समीकरण

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आगामी दिनों में एक जनपद एक बार की तर्ज पर कराए जा सकते हैं। इससे पंचायत चुनाव का समीकरण बदल जाएगा। हालांकि जनपद के 809 ग्राम पंचायतों में एक साथ चुनाव कराना चुनौती भरा होगा। जनपद में एक साथ चुनाव कराने के लिए अधिक कार्मिक लगाना पड़ेगा। राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त मनोज कुमार के एक जिले में एक ही चरण में चुनाव के निर्देश के बाद प्रशासन तैयारियां में जुट गया है।

आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में काफी कुछ नया होने वाला है। आयोग ने आगामी पंचायत चुनाव में ‘एक जनपद एक बार’ व्यवस्था लागू करने का निर्णय किया है। इसमें प्रत्येक जिले के सभी विकास खंडों में एक ही चरण में चुनाव कराए जाएंगे। इस बार पंचायत चुनाव में प्रत्येक मंडल के सभी जिलों में एक चरण में चुनाव कराया जाएगा। इसके पूर्व प्रदेशभर में अभी तक पंचायत चुनाव में एक जिले में स्थित विकास खंडों में चार चरण में चुनाव कराए जाते थे। मीरजापुर जनपद के 12 विकास खंड में से प्रत्येक चरण में तीन-तीन विकास खंड में चुनाव कराए जाते थे।

809 ग्राम पंचायतों में होना है चुनाव

जनपद के 12 ब्लाकों के 809 ग्राम पंचायतों में पंचायत चुनाव होना है। 809 ग्राम प्रधान, 10471 ग्राम पंचायत सदस्य, 1092 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 44 जिला पंचायत सदस्य और ब्लाक प्रमुख के 12 पद हैं।

एक साथ चुनाव कराने को 13665 कार्मिकों की दरकार

जनपद में एक साथ पंचायत चुनाव कराने के लिए 1123 मतदान केंद्र और 2847 मतदान स्थल बनाए जाएंगे। प्रत्येक पोलिग पार्टी चार कार्मिक रहेंगे। इसके अनुसार 2847 मतदान स्थल के लिए 11665 कार्मिकों की जरूरत पड़ेगी। जनपद में सभी विभागों के लगभग 20966 कार्मिकों की फीडिग निर्वाचन विभाग में की गई है।

24 जोनल व 150 सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे तैनात

पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए 28 प्रभारी, 53 सहायक प्रभारी अधिकारी, 24 निर्वाचन अधिकारी और 250 सहायक निर्वाचन अधिकारी लगाए जाएंगे। वहीं 24 जोनल मजिस्ट्रेट और 150 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती करनी पड़ेगी।

महिलाओं को ड्यूटी से मिली निजात

राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त मनोज कुमार ने एक जिले में एक ही चरण में चुनाव के साथ ही महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगाने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद जनपद में लगभग 7869 महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगेगी। अर्थात निर्वाचन विभाग में फीड किए गए 20996 कार्मिकों में से 7869 महिला कर्मचारियों को छोड़ने के बाद 13187 कर्मचारी ही ड्यूटी के लिए बचेंगे। इस प्रकार पंचायत चुनाव में कार्मिकों की ड्यूटी लगाने में विभागीय अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है।



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