रावर्ट्सगंज में लगा नो एंट्री तो चुर्क से शुरू हो गया ट्रकों का संचालन, लोगों में देखी जा रही नाराजगी

अंशु खत्री/दिलीप श्रीवास्तव (संवाददाता)

◆ आखिर किसके आदेश से हो रहा ट्रकों का संचालन

◆ सोनभद्र में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

◆ पुलिस लाइन में है ट्रैफिक आफिस, लेकिन तेज रफ्तार से निकल रही ट्रकें

◆ लोगों ने जताई दुर्घटना की आशंका, बन्द करने की मांग

चुर्क । दिन में रावर्ट्सगंज में नो इंट्री होने की वजह से पन्नूगंज रोड पर जाने वाली सभी ट्रकें अब चुर्क से होकर गुजर रही है । जिससे नगर क्षेत्र में दुर्घटना की आशंका बढ़ गयी है । पुलिस लाइन मोड़ से होकर प्रवेश करने वाली ट्रकें रामगढ़ रोड पर निकलती हैं । पहले तो लोगों ने सोचा कि शायद प्रशासन ने ट्रैफिक को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था किया होगा लेकिन जब हर दिन निकलने लगा तो लोग परेशान हो उठे ।

लोगों का कहना है कि एक तो खुद चुर्क में सड़कें सकरी हैं ऊपर से बाजार व दुकान लग जाने पर जगह बिल्कुल नहीं बचता, ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश पर छूट देना गलत है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है ।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने बताया कि प्रशासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है । चुर्क नगर में लगभग 1 हफ्ते से भारी वाहनों का आवागमन जारी है । शाम के वक्त आए दिन जाम लग रहा है और कभी भी दुर्घटना घट सकता है ।

वहीं नगर पंचायत चुर्क घुर्मा के वार्ड नंबर 1 के सभासद दीपचंद महतो ने बताया कि चुर्क बाजार में भी नो एंट्री का बोर्ड लगाया जाए ताकि भारी वाहनों का प्रवेश नगर में बंद रहे । जिससे लोग आसानी से अपने बच्चों को बाहर छोड़ सकें । पिछले कुछ दिनों से परिजन डरे सहमे हुए हैं ।

जबकि सपा जिला महासचिव सईद कुरैशी ने बताया कि बड़ी वाहनों ट्रक जो गिट्टी-बालू लेकर रामगढ़ मार्ग पर जाया करती हैं । उन्होंने बताया कि आज नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा के वार्ड नंबर 6 में बड़ा हादसा होते-होते टल गया । सुबह भारी वाहन से हाईटेंशन तार टूट गया । उन्होंने बताया कि नगर के तमाम बच्चे रोड के इस पार व उस पार खेला करते हैं, उन लोगों को पता यह नहीं है कि इस रोड से भारी वाहनों का आवागमन है । श्री कुरैशी ने कहा कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है, जिसके बाद प्रशासन के पास कोई जबाब नहीं होगा ।

लोगों का यह भी कहना है कि चुर्क मार्ग पर एक रेलवे का पुल बहुत ही पुराना है, भारी वाहनों का आवागमन उसी से हो रहा है, जो कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। जबकि रेलवे द्वारा पुल से पहले एक बैरिकेटिंग भी लगाया गया था ताकि भारी वाहनों का प्रवेश न हो सके। लोगों ने स्थानीय प्रशासन के अनदेखी व मिलीभगत का आरोप लगाया है ।

चुर्क से भारी वाहन गुजरने को लेकर जिस तरह से लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर किसके आदेश से यह मार्ग को खोला गया और फिर स्थानीय लोगों व व्यापार मंडल को यह जानकारी क्यों नहीं दी गयी कि यहां से भारी वाहनों का आवागमन किया जाएगा । आखिर जिस तरह से लोग डरे सहमे हैं ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना घट जाय तो उसका जबाबदेही कौन होगा ।



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