मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भर बनेंगी आदिवासी महिलाएँ

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आज सोनाचंल अरोमा प्रा0 लि0 एवं सोनवैली बायोएनर्जी एफ0पी0ओ0 के संयुक्त तत्वाधान में विकास खंड नगवाॅ के ग्राम रामपुर में आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान गाँव की 50 महिलाएँ मशरूम उत्पादन के गुर सीखेंगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान की तर्ज पर एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर पर आगे बढ़ते हुए आदिवासी महिलाओं को मशरूम उत्पाद कर उनकी आय बढ़ाने में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कारगार साबित होगा।

सोनवैली बायोएनर्जी एफ0पी0ओ0 के निदेशक सत्यप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि “मशरूम उत्पादन कार्यक्रम में महिलाओं को मशरूम उत्पादन के बारीकियों के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। मशरूम उत्पादन कार्यक्रम भुमिहीन महिलाओं के लिए वरदान है जो उन्हें एक अच्छी आय के लिए प्रोत्साहित करता है। मशरूम उत्पादन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत लाभदायक है। मशरूम कुपोषण जैसी भयानक बीमारी के लिए वरदान है और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं बच्चों के पोषण के लिए भी बहुत ही उपयोगी है।”

सोनवैली बायोएनर्जी के सी0ई0ओ0 नागेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि “मशरूम उत्पादन के लिए जो लागत आयेगी, वह सोनवैली बायोएनर्जी एफ0पी0ओ0 के द्वारा महिलाओं को प्रदान किया जायेगा और उनके द्वारा उत्पादित मशरूम का प्रोसेसींग कर उसकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी एफ0पी0ओ0 के माध्यम से किया जायेगा।”



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