11 लाख हजम, माडल विद्यालय का सपना रह गया अधुरा

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । क्षेत्र के लोगों ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि इन दिनों क्षेत्र के विद्यालयों का कायाकल्प होने के लिए पर्याप्त मात्रा में धन आना शुरू हो गया है, लेकिन इस प्रकार से यदि धन का बंदरबांट होता रहा तो विद्यालय खंडहर ही रह जाएंगे साथ ही माडल विद्यालयों के सपने भी अधूरे रह जाएंगे। क्षेत्र के का ककरद पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा धनसीरिया विद्यालय अपने में मॉडल का स्वरूप तैयार किए हुए हैं। जहां छात्रों के लिए बाल संवाद, झूला, खेल का मैदान, किचन गार्डन, डाइनिग हाल, प्रोजेक्टर आदि की समुचित व्यवस्था की गई है, लेकिन अन्य विद्यालयों पर बंदरबांट के चलते अपना मूर्त रूप नहीं ले पा रहा है।

पुराने शौचालय का रंग रोगन कराकर निकाले 1.50 लाख

प्राथमिक विद्यालय देवरी कला का माडल स्कूल बनवाने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी सुशील पटेल द्वारा खंड विकास अधिकारी पटेहरा को 11 लाख रुपये सौंपा गया था। इससे कि धन का बंदरबांट न हो और बालिकाओं व दिव्यांगों के लिए शौचालय का निर्माण भी हो जाए। हालांकि पूर्व से बने शौचालय को ही रंग रोगन कर पैसा खर्च कर दिया गया। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी राम मिलन यादव ने पल्ला झाड़ते हुए बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। वहीं खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि खनिज निधि से कई चीजों के निर्माण के लिए पैसा आया है, निर्माण कार्य चल रहा है।

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