…जब 3 डिग्री ठंड में वन माफियाओं को छूटा पसीना, पढ़ें पूरी खबर

■ वन विभाग का लकड़ी तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही

■ कटौन्धी में खैर की लकड़ी के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

■ देर रात गश्त के दौरान वन विभाग ने रंगे हाथ पकड़ा

■ गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर आरंगपानी (काशीकुण्ड) में की छापेमारी

■ काशीकुण्ड में एक घर के पास मिला लकड़ी का जखीरा

■ तस्करी का केंद्र है काशीकुण्ड और जरहां, जहां से ट्रक द्वारा सप्लाई होता है क्षेत्र व बाहर अवैध बेशकीमती लकड़ी

■ काशीकुण्ड में एक पिकअप चालक गिरफ्तार

■ गिरफ्तार चालक ने भी खोले कई राज

■ कई सफेदपोश हैं पर्दे के पीछे

एस प्रसाद (संवाददाता)

म्योरपुर । सोनभद्र में पारा 3 डिग्री पहुंचा तो म्योरपुर में वन माफिया भी सक्रिय हो गए । माफियाओं ने एक बार फिर वनों में बेशकीमती लकड़ी को काटकर तस्करी करने की फिराक में थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि 3 डिग्री में भी वन विभाग के सिपाही मुस्तैदी से रात अपनी ड्यूटी कर रहे हैं । उसी का नतीजा रहा कि

म्योरपुर रेंज अंतर्गत कटौन्धी जंगल मे रात के लगभग 2 बजे गस्त कर रही टीम ने खैर की लकड़ी के साथ 5 आरोपी को मौके से धर दबोचा । वन विभाग की टीम को देखकर माफिया भी भौचक रह गए ।

बताया जा रहा है कि बीती रात क्षेत्र में वन रक्षक अपने वाचर के साथ गश्त कर रहे थे । तभी उन्हें पेड़ कटने की आवाज सुनाई दी । जब वे मौके पहुंचे तो वन माफिया खैर के तीन पेड़ काटकर बोटा बना रहे थे। वन विभाग की टीम को सामने देख वन माफिया भी भौचक रह गए लेकिन जब तक वे भागने का प्लान बनाते वन विभाग की टीम ने उन सभी को हिम्मत कर धर दबोचा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लकड़ी सहित रेंज कार्यालय ले आए, जहां आवश्यक कार्यवाही की गयी।

इस सम्बन्ध में वन रेंजर राजेश सोनकर ने बताया कि वन विभाग की टीम को लगातार मुखबीर से सूचना मिल रही थी कि म्योरपुर वन रेंज के कई इलाके में वन माफिया सक्रिय हैं और लकड़ी का कटान कर उसकी तस्करी कर रहे हैं । रेंजर ने बताया कि टीम लगातार क्षेत्र में नजर बनाए हुए थी । उन्होंने बताया कि गिरफ़्तार किये गए आरोपियों के पास से कई अहम जानकारी मिली । जिसके बाद तत्काल उन्ही के निशानदेही पर आरंगपानी (काशीकुड़) में छापा मारा गया जहां एक घर के पास से भारी मात्रा में कीमती लकड़ी बरामद किया गया । जिसमें साखू, सागौन व खैर जैसी बेशकीमती पेड़ शामिल है ।
रेंजर सोनकर ने बताया कि लकड़ी तस्करों की बहुत बड़ी टीम है जिसमें एक पिकअप चालक भी गिरफ्तार किया गया है, जिसके माध्यम से भी कई अहम जानकारी मिली है कि और कौन कौन शामिल है और वाहन माल कहाँ कहाँ गिराता था । उन्होंने बताया कि काशीकुण्ड से माल जरहां डंप किया जाता था, फिर वहां से माल ट्रक द्वारा बाहर भेजा जाता था ।

रेंजर की माने तो इसके पीछे कई बड़े सफेदपोश भी शामिल हैं, जो खुद को पर्दे के पीछे हैं । उन्होंने कहा कि विभाग लगातार ऐसे लोगों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जिन्हें मौका मिलते ही बेपर्दा कर दिया जाएगा ।

कुल मिलाकर वन विभाग की टीम ने जिस तरीके से इस रैकेट का खुलासा किया है वह निश्चित तौर पर सराहनीय है । वन विभाग के आला अफसरों को चाहिए कि 3 डिग्री में भी ऐसे साहसिक कार्य करने वाले टीम को प्रोत्साहित करें ताकि उनका भी मनोबल बढ़ सके।

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