मौसम का बदला मिजाज बढ़ी शीतलहर, घरों में दुबके लोग

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। पिछले दो तीन दिनों से बारिश के उपरांत सर्दी का कहर बढ़ता जा रहा है। जिससे लोगों को जन जीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। शुक्रवार की सुबह तो आलम यह हो गया था कि लोग अपने घरों से निकलने की जहमत भी नहीं उठा सके। ठंड की वजह से नगर का बाजार भी देर से खुला।दिसम्बर माह में ठंड अपने पूरे तेवर दिख रही है। शुक्रवार की सुबह शीतलहर व बर्फीली हवाओं ने लोगों को घर में कैद कर दिया। ठंड इतनी थी लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। नगर में थोड़ी थोड़ी दूर पर अलाव जल रहे थे। रास्ते में चलने वाले लोग जगह जगह अलाव सेकते दिखाई दिए। जैसे ही लोग अलाव से अलग हटते तो ठंड की वजह से हाथ पैर सुन्न पड़ जा रहे थे। ठंड की वजह से सड़कों पर बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाइक सवार थोड़ी थोड़ी दूरी पर बाइक रोक कर आग पर गर्माहट लेते रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड में जगह जगह अलाव जल रहे थे। जिसपर लोग हाथ सेंक रहे थे। शीतलहर की वजह से किसान भी अपने खेतों पर काम करने नहीं गए। दोपहर बाद निकली धूप से लोगों को राहत मिली। तो वहीं शाम को फिर से ठंड बढ़ गई। जिसकी वजह से कामकाजी लोग जल्द ही अपना काम निपटा कर घरों को लौट गए। जिसकी वजह से गली मुहल्लों में सन्नाटा पसर गया। दफ्तरों में पसरा रहा सन्नाटा
ठंड का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसका असर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार की सुबह में ठंड की वजह से सरकारी दफ्तरों में चहल पहल कम दिखाई दी। ठंड अधिक होने की वजह से ग्रामीण व नगरीय लोग बहुत ही कम पहुंचे। वहीं दफ्तरों में कर्मचारी व अधिकारी हीटर व अलाव के समाने बैठे रहे ।जिसकी वजह से कार्यालय, बिजली घर, ब्लाक में लोगों को चहल पहल और दिन की अपेक्षा कम रही। शीतलहर के चलते देर से खुली दुकानें ठंड का असर लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार की सुबह शीतलहर व बर्फीली हवा चलने की वजह से लोग देर तक अपने घरों में दुबके रहे। जिसकी वजह से नगर का बाजार भी देर से खुला। दोपहर में बाजार में लोग कम आए। जिससे दुकानदार अपनी दुकानों में हीटर व अलाव पर हाथ सेकते रहे। ठंड की वजह से शाम को भी दुकानदार जल्दी दुकानें बंद कर अपने अपने घर लौट गए।

ठंड से बचने के लिए बुजुर्ग व बच्चे घरों में रहे कैद

कड़ाके की ठंड में सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों व बुजुर्गों को हो रही है। ऐसे में शुक्रवार को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए छोटे बच्चे व बुजुर्ग पूरे दिन घरों में बिस्तर में लेटे रहे। लोगों ने अपने बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा।

ठंड से गेंहू की फसल को फायदा

पिछले तीन दिन से कोहरा व कड़ाके की सर्दी से किसानों के चेहरे पर रौनक है। क्योकि इस कड़ाके की ठंड से गेंहू की फसल को फायदा होता है। किसानों ने बताया कि जितनी अधिक सर्दी पड़ेगी उतना ही गेंहू की फसल अच्छी होगी।



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