जर्जर घाघर पुलिया का अस्तित्व खतरे में

अरविंद चौबे (संवाददाता)

मारकुंडी । जिला कारागार और मारकुंडी मुख्य राज मार्ग के मध्य 60 वर्ष पूर्व की बनी घाघर पुलिया का अस्तित्व खतरे में है जब कि सीमेंट फैक्ट्री के समय का बना पुल काफी पुराना होने के साथ वर्षा के साथ धंधरौल बाध का पानी इसी घाघर नदी से निकासी की व्यवस्था की गई है। जो समय के साथ वर्षात की बाढ़ झेलते हुए काफी जर्जर हो चुकी है। जिला प्रशासन भी इसकी दशा देखकर घाघर पुल के पास भारी वाहनों का बर्जित बोर्ड भी लगा दिया है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ है। जिससे कभी भारी वाहनों के आवागमन को लेकर किसी भी दिन किसी दुर्घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से भारी वाहनों पर रोक लगाने के साथ नए पुल निर्माण करने की मांग की है। जिससे जिला कारागार का आवागमन बाधित न हो सके।

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