अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतियोगी अभ्यर्थियों को प्रदेश सरकार कोचिंग के माध्यम से कराती है तैयारी

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत। प्रदेश सरकार प्रदेश के अनुसूचित जाति/जनजाति के ग्रामीण क्षेत्रों व मध्यम वर्गीय कम आय वाले प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रशिक्षण देकर अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवाओं व सम्मिलित राज्य सेवा परीक्षाओं के लिए तैयार करती है। अक्सर ग्रामीण तथा कम आय वाले मध्यम वर्ग के अनु0 जाति/जनजाति के परिवारों के बच्चे प्रतिभावान, मेधावी, लगनशील, परिश्रमी होते हुए भी उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं पाठ्यक्रम से सम्बंधित उचित पुस्तकों की जानकारी के अभाव में आईएएस, पीसीएस परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी नहीं कर पाते हैं। धनाभाव व परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों की अच्छी जानकारी न होने से ऐसे प्रतिभावान छात्र/छात्राएं पीछे रह जाते हैं।
प्रदेश सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवाओं एवं सम्मिलित राज्य सेवाओं की परीक्षाओं से सम्बंधित आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा पूर्व अत्यन्त उच्चकोटि के स्तर की पढ़ाई/मार्गदर्शन, प्रशिक्षण प्रदेश के 7 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों पर दिलाती है। इन प्रशिक्षण केन्द्रों पर अद्यतन परिवर्तित/परिवर्धित होने वाले पाठ्यक्रमों के अनुरूप विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी के निमित्त कोचिंग केन्द्रों के माध्यम से उक्त वर्ग के अभ्यर्थियों को स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कुशल बनाया जाता है।

अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतियोगी अभ्यर्थियों को प्रदेश के कोचिंग केन्द्रों में इस तरह से तैयार किया जाता है कि वे पूर्ण ज्ञान एवं आत्मविश्वास के साथ इन परीक्षाओं में भाग ले सकें और इन परीक्षाओं में सफल होकर इस वर्ग का उचित प्रतिनिधित्व कर सकें। इन प्रशिक्षण केन्द्रों में अभ्यर्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने, खाने की व्यवस्था निःशुल्क रहती है, जिसका आने वाला व्यय प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है।
प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वर्तमान में 7 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र हैं। श्री छत्रपति शाहू जी महराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान भागीदारी भवन लखनऊ में स्थित है। इस केन्द्र में 300 अभ्यर्थियों के पढ़ने की क्षमता है जिसके 50 प्रतिशत पिछड़ी जाति, 45 प्रतिशत अनुसूचित जाति व 05 प्रशित जनजाति के अभ्यर्थी होते हैं। दूसरा आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र बालिका अलीगंज लखनऊ में है। इस 150 अभ्यर्थियों की क्षमता वाले केन्द्र में 50 प्रतिशत पिछड़ी जाति, 45 प्रतिशत अनुसूचित जाति व 5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की बालिकाएं होती हैं। तीसरा न्यायिक सेवा प्रशिक्षण केन्द्र प्रयागराज है जिसमें 50 अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश में चौथा सन्त रविदास आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र वाराणसी है, जिसमें 100 अभ्यर्थियों की क्षमता है। पांचवा डाॅ0 बी0आर0 अम्बेडकर आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र अलीगढ़ में 200 अभ्यर्थियों एवं छठा आगरा में 200 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण केन्द्र है। प्रदेश में सातवां आई0ए0एस0, पी0सी0एस0 कोचिंग केन्द्र निजामपुर हापुड़ में है। 200 अभ्यर्थियों की क्षमता वाले इस केन्द्र में 120 पुरूष व 80 महिला अभ्यर्थी रहकर प्रशिक्षण लेते हैं।
प्रदेश की प्रतिवर्ष 1200 अभ्यर्थियों की क्षमता के इन कोचिंग केन्द्रों में पात्र अभ्यर्थियों को विधिवत परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन कोचिंग केन्द्रों में लगभग 2700 अभ्यर्थियों ने प्रतियोगी परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण लिया है जिनमें सरकार ने 14.61 करोड़ रू0 व्यय किये हैं। कोविड-19 के कारण वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रशिक्षण कार्य अभी स्थगित है।



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