इस दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना करने से चमक उठता है मनुष्य का भविष्य

भगवान सूर्यदेव का किसी राशि में प्रवेश संक्रांति कहलाता है। जब सूर्यदेव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। इस दिन भगवान सूर्यदेव, वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। धनु संक्रांति के दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना करने से मनुष्य का भविष्य भी भगवान सूर्यदेव की भांति चमक उठता है।

धनु राशि में भगवान सूर्यदेव का प्रवेश विशेष परिणाम उत्पन्न करता है। भगवान सूर्यदेव की पूजा सुबह से शाम तक की जा सकती है। भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने से मन की शुद्धि होती है और बुद्धि, विवेक की प्राप्ति होती है। धनु संक्रांति के दिन भगवान श्रीसत्यनारायण की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन प्रातः सूर्यदेव की जल, पुष्प, धूप से उपासना करें। धनु संक्रांति के दिन उड़ीसा में भगवान श्रीजगन्नाथ की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्रीजगन्नाथ को मीठाभात अर्पित किया जाता है और इसे प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया जाता है। धनु संक्रांति पर भागवत कथा सुनने का विशेष महत्व है। इस दिन दान-पुण्य करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

नोट:
इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।



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